उत्तराखंड में शीत लहर का प्रकोप जारी: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में घना कोहरा; गंगोत्री में नदी-नाले जमे
उत्तराखंड: प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार सर्द बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में हुई हल्की बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों तक पहुँच गया है, जिससे अधिकांश हिस्सों में ठंडक बढ़ गई है और आज भी शीत दिवस जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है।
🌫️ मैदानी क्षेत्रों में येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और शीतलहर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है:
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येलो अलर्ट: देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चम्पावत और पौड़ी जिलों में घना कोहरा छाए रहने की वजह से येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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यातायात पर असर: सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
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तापमान: शीतलहर के चलते अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
🏔️ पहाड़ों में जमाव बिंदु से नीचे तापमान
ऊंचाई वाले इलाकों में हुई हल्की बर्फबारी ने मौसम को और सर्द बना दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिला है और आने वाले दिनों में ठंड से राहत के आसार कम हैं।
गंगोत्री धाम की स्थिति:
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तापमान: गंगोत्री धाम में अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन कड़ाके की ठंड के कारण तापमान माइनस शून्य से लेकर माइनस 11 से 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है।
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जल स्रोतों का जमाव: ठंड के चलते भागीरथी नदी में पानी का बहाव बेहद कम हो गया है और कई जगहों पर नदी पर पाले की मोटी परत जम गई है।
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नाले जमे: केदार गंगा, ऋषिकुर नाला, पागल नाला और चीड़बासा नाला पूरी तरह जम चुके हैं।
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पानी की आपूर्ति: इस कठिन परिस्थिति में गंगोत्री में पानी की आपूर्ति के लिए जमे हुए पाले को आग में पिघलाया जा रहा है।
🙏 आस्था और धैर्य का प्रदर्शन
गंगोत्री में इतनी कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों के बावजूद, करीब 25 साधु यहाँ साधना में लीन हैं, जो अपनी आस्था और धैर्य का परिचय दे रहे हैं।

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