दिल्ली महारैली को लेकर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन; अजय कुमार लल्लू बोले— उत्तराखंड से पहुंचेंगे 25 हजार कार्यकर्ता, SIR और बैलेट पेपर पर सरकार को घेरा
देहरादून। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू दून दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने जा रही कांग्रेस की विशाल महारैली की तैयारियों और रूपरेखा की जानकारी साझा की। देहरादून में प्रेस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल रद्द किए जाने की पुरजोर मांग उठाई।
1 नवंबर की दिल्ली महारैली में उत्तराखंड से जुटेंगे 25 हजार कांग्रेसी
वरिष्ठ नेता अजय कुमार लल्लू ने बताया कि आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में होने जा रहे राष्ट्रव्यापी मार्च और महारैली में उत्तराखंड से 25,000 से अधिक कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और सजग नागरिक दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि यह सभी लोग मिलकर संसद से सड़क तक कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी की आवाज को बुलंद करेंगे और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हुंकार भरेंगे।
SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में गड़बड़ी पर कड़ा प्रहार
देहरादून पहुंचे अजय कुमार लल्लू ने मुख्य रूप से ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया और अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकारों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया के माध्यम से सुनियोजित तरीके से बड़े पैमाने पर वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची (Electoral Rolls) से काटे जा रहे हैं या उनमें भारी गड़बड़ियां की जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी भी नागरिक से उसका वोट देने का संवैधानिक अधिकार न छीना जा सके।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े किए और कहा कि जब तक मतदाता सूचियों में सुधार की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष नहीं होती, तब तक आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं पर संशय बना हुआ है।
सॉफ्टवेयर के जरिए मतदाताओं के हक पर डाका डालने का आरोप
अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने हालिया आंकड़ों और गड़बड़ियों का हवाला देते हुए कुछ प्रमुख मांगें रखीं:
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मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा।
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आगामी सभी चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराए जाएं।
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विवादित SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड और देश के अन्य हिस्सों में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, विकराल होती बेरोजगारी और युवाओं के अंधकारमय भविष्य से जुड़े मुद्दों को भी जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों, पिछड़े वर्गों के हितों और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए सड़कों से लेकर सदन तक अपना कड़ा संघर्ष जारी रखेगी।
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