नैनीताल में बांज का हरा पेड़ काटने पर विवाद: वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल, वन विभाग ने दी सफाई
नैनीताल। झील नगरी नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में एक मकान से सटे बांज के हरे-भरे पेड़ की टहनियां काटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। बांज के संरक्षित पेड़ की कटाई को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है और लोगों ने वन विभाग से इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
खतरनाक टहनियों की छंटाई की ली गई थी अनुमति: वन विभाग
मामले में मचे बवाल के बाद वन विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। वन क्षेत्राधिकारी ललित कार्की ने बताया कि कुमाऊं रिट्रीट के समीप स्थित एक बांज के पेड़ से खतरा होने के कारण भू-स्वामी द्वारा उसकी खतरनाक टहनियों की छंटाई के लिए विधिवत आवेदन किया गया था। ट्री-प्रूनिंग (टहनी छंटाई) समिति द्वारा मौके का निरीक्षण करने के बाद ही पेड़ के तीन खतरनाक हिस्सों (टहनियों) को छांटने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा पेड़ नहीं काटा गया है, बल्कि केवल स्वीकृत टहनियों की ही छंटाई की गई है।
पेड़ से सटाकर बने निर्माण पर उठे गंभीर सवाल
वीडियो प्रसारित होने के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग और पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं। नागरिकों का कहना है कि बांज के इतने विशाल और प्राचीन पेड़ से बिल्कुल सटाकर मकान का निर्माण कैसे करने दिया गया? लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसकी अनुमति से इस तरह का जोखिमभरा निर्माण किया गया, जिसके कारण आज बांज के इस हरे-भरे पेड़ के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है।
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