एमबीपीजी कॉलेज के बाहर छात्र नेताओं पर हमला करने के मामले में कोर्ट ने पांच लोगों को सात-सात साल की सजा सुनाई

खबर शेयर करें -

हल्द्वानी: छात्र नेताओं पर हमला करने वाले पांच दोषियों को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है. दोषियों ने 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया है. मामला 2018 का है. साल 2018 में एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी के बाहर छात्र नेताओं पर हमले करने के मामले में अपर सत्र द्वितीय हल्द्वानी नसीम अहमद की कोर्ट ने 5 लोगों को दोषी माना है.

शासकीय अधिवक्ता गिरजा पांडे ने बताया कि मामला 1 मार्च 2018 का है, जहां हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज के बाहर रात्रि 10 बजे छात्र नेता जगदीश बिष्ट, राहुल धामी और मनिंदर सिंह पर मनीष तिवारी उर्फ मोनू पंडित, सुमित बिष्ट, अरुण सागर, प्रदीप सागर और त्रिलोक सिंह नेगी ने हथियारों और टूटी हुई बोतल से हमला किया था.

यह भी पढ़ें 👉  वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन पाठक को खेल जगत में बड़ी जिम्मेदारी: युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रहेगा जोर

इस दौरान दोषियों ने पीड़ितों को जान से मारने की धमकी भी दी थी. हमले में छात्र नेता घायल हो गए थे. इस मामले में जगदीश बिष्ट ने हल्द्वानी कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 148, 325, 506 और 308 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था.

यह भी पढ़ें 👉  भाजपा हल्दूचौड़ मंडल की मासिक बैठक में बनी चुनावी रणनीति: पीएम मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर 23 जून तक चलेगा महाअभियान, बूथ स्तर पर संगठन होगा मजबूत

यह भी पढ़े 👉 पड़ोसी युवक द्वारा किए जा रहे यौन उत्पीड़न से परेशान नाबालिक ने तेजाब पी कर दी अपनी जान

पूरे मामले में 7 लोगों की गवाही और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने दोषी पाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ 7 साल की सजा सुनाया है. वहीं 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. जुर्मान नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा.

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल के रूसी बाईपास पर पर्यटकों का हाई वोल्टेज ड्रामा: पुलिस से अभद्रता कर बीच सड़क लगाया वाहन; दिल्ली के 3 हुड़दंगी गिरफ्तार, गाड़ी सीज