हल्द्वानी अमेजन वेयरहाउस अग्निकांड: संयुक्त जांच दल ने लगाया सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप; न्यायिक जांच, 1-1 करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग
हल्द्वानी: अमेजन ई-कॉमर्स के वेयरहाउस में बीते 5 जून की अर्धरात्रि को हुए भीषण अग्निकांड के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे में दिन में डिलीवरी बॉय और रात में गार्ड की नौकरी करने वाले दो युवा मजदूरों—नरेंद्र आर्य (नीरज) और अमित—की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। घटना के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के एक संयुक्त जांच दल ने रविवार (7 जून) को प्रभावित वेयरहाउस का दौरा किया और मारे गए मजदूरों के बेसहारा हुए परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। जांच दल ने इसे कंपनी की आपराधिक लापरवाही करार देते हुए मामले की न्यायिक जांच और पीड़ितों के लिए भारी मुआवजे की मांग की है।
मुनाफे के लिए वर्कर्स की जान से खिलवाड़; बिना फायर एनओसी के चल रहा था वेयरहाउस
अमेजन ई-कॉमर्स का यह वेयरहाउस एमएनएम लॉजिस्टिक्स (MNM Logistics) द्वारा संचालित किया जा रहा था। संयुक्त जांच दल ने घटनास्थल का विधिक व भौतिक निरीक्षण करने के बाद कंपनी प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
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सुरक्षा मानकों की पूर्ण अवहेलना: जांच दल ने पाया कि केवल अतिरिक्त मुनाफा कमाने के चक्कर में श्रमिकों के जीवन को जानबूझकर खतरे में डाला गया। पूरे पैक सामान के बीच में ही रात को गार्डों को बैठने के लिए मजबूर किया गया, जबकि वहां कोई अलग से गार्ड रूम तक नहीं बना था।
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फायर एग्जिट और अलार्म का अभाव: पूरे बंद गोदाम के भीतर आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई फायर एग्जिट (आपातकालीन निकास) नहीं था, न ही कोई फायर अलार्म या धुआं बाहर निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन की व्यवस्था थी।
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बिना वैधानिक एनओसी के संचालन: जांच दल ने दावा किया कि इस वेयरहाउस के पास अग्निशमन (फायर) विभाग द्वारा जारी की जाने वाली अनिवार्य ‘फायर एनओसी’ (No Objection Certificate) तक उपलब्ध नहीं थी।
संयुक्त जांच दल ने शासन-प्रशासन के सामने रखीं ये मुख्य विधिक मांगें
मृतक मजदूरों के घरों का दौरा करने के बाद संयुक्त जांच दल ने सरकार और जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें पूरी करने की अपील की है:
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न्यायिक जांच व मुकदमा: इस पूरे अग्निकांड की तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और आपराधिक लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों व कंपनी संचालकों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
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1-1 करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी: हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवा श्रमिकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता (मुआवजा) दी जाए और दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नियमित सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
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सभी गोदामों की हो चेकिंग: क्षेत्र में इस तरह से संचालित हो रहे तमाम अन्य व्यावसायिक गोदामों में अग्नि एवं जीवन सुरक्षा उपायों की शीघ्र जांच कराई जाए। विशेषकर इस अमेजन वेयरहाउस के बगल में चल रहे अन्य गोदामों में प्रशासन तत्काल पुख्ता सुरक्षा मानक सुनिश्चित कराए।
जांच दल में ये प्रमुख लोग रहे शामिल
अमेजन वेयरहाउस का दौरा करने वाले इस संयुक्त प्रतिनिधिमंडल में भाकपा माले के नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय, ऐक्टू (AICCTU) के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ललित मटियाली, समाजसेवी राजीव लोचन, अमेजन इंडिया वर्कर्स यूनियन के नीतेश, हॉकर्स जॉइंट एक्शन कमिटी के योगेश सैनी, किसान नेता जगतार सिंह बाजवा, ग्रामीण ई-रिक्शा कल्याण समिति के खेमकरण सैनी, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के भुवन बिष्ट, किसान नेता राजकिशोर और शेर सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे। जांच दल ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सामाजिक और कानूनी मदद दिलाने का विधिक आश्वासन दिया है।
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