देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल: सीएम धामी ने किया ‘लीडिंग लेडीज ऑफ इंडिया’ पुस्तक का विमोचन

खबर शेयर करें -

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तीन दिवसीय लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। फेस्टिवल के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की और साहित्य तथा महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए।


📖 मुख्यमंत्री द्वारा पुस्तक विमोचन

 

  • पुस्तक: ‘लीडिंग लेडीज ऑफ इण्डिया’।

  • लेखिका: वेणु अग्रहरी ढ़ींगरा।

  • सीएम धामी का कथन:

    • उन्होंने कहा कि यह पुस्तक पाठकों, विशेष रूप से महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

    • साहित्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने का सशक्त जरिया है, जिसकी सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    • सीएम ने महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को दोहराया और कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल हाईकोर्ट: भवाली सेनेटोरियम को मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल बनाने पर प्रगति, कोर्ट ने मांगी एक सप्ताह में रिपोर्ट

🏘️ संस्कृति और जड़ों से जुड़ाव

 

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है। सरकार संस्कृति और परंपराओं को संजोये रखने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

  • प्रवासी सम्मेलन: पिछले दो सालों से प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े रखना है।

  • सकारात्मक प्रभाव: सम्मेलन के बाद से अनेक प्रवासियों ने अपने मूल गाँवों के विकास और प्रदेश के विकास में सहयोगी बनने की इच्छा जताई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में महिलाओं और युवाओं के लिए 'डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम' की तैयारी, मिल सकती है बड़ी सौगात

💬 फेस्टिवल में प्रमुख हस्तियों के विचार

 

वक्ता प्रमुख बातें
जया किशोरी कई समस्याएं तब पैदा होती हैं जब हम इंसानों को भगवान मानने लगते हैं, जिससे अंधविश्वास बढ़ता है। उन्होंने अध्यात्म और सफलता को साथ-साथ चलने वाला बताया, कहा कि महत्वाकांक्षी होना किसी को कम आध्यात्मिक नहीं बनाता।
अक्षत गुप्ता (लेखक) उनकी पहली किताब “इट्स ओके” है। एक वक्ता के लिए अगला स्वाभाविक कदम लेखक बनना होता है, क्योंकि हमारी लिखी हुई बातें ही आने वाली पीढ़ियों तक रहती हैं।

💡 सीएम धामी का निष्कर्ष

 

कार्यक्रम के समापन पर सीएम धामी ने देहरादून में आयोजित इस लिटरेचर फेस्टिवल को साहित्य एवं संस्कृति की ऊर्जा एवं उर्वरा भूमि बताया। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल नवोदित और उदयमान साहित्यकारों और संस्कृति के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए प्रेरणा, अवसर और मार्गदर्शन का काम करेगा।

यह भी पढ़ें 👉  पौड़ी: खिर्सू के बूंखाल में कालिंका माता मंदिर मेले में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भव्य प्रस्तुतियों ने बांधा समां

क्या आप मुख्यमंत्री धामी द्वारा विमोचित पुस्तक या लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल किसी अन्य विषय के बारे में जानना चाहेंगे?