उत्तराखंड में आर्थिक-सामाजिक विकास को मिलेगी नई गति, राज्यपाल ने ‘रणनीतिक सलाहकार समिति’ को दी मंजूरी, सीएम धामी खुद संभालेंगे कमान

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देहरादून: उत्तराखंड के राज्यपाल ने राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को तेज गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने नवाचार और प्रभावी कार्यान्वयन हेतु रणनीतिक सलाहकार समिति के गठन को मंजूरी दे दी है। यह समिति राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देने का एक मजबूत आधार तैयार करेगी।

इस सात सदस्यीय समिति की कमान स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संभालेंगे।

मुख्यमंत्री धामी की अगुवाई में तीन बड़े करार:

बुधवार को देहरादून के सचिवालय में मुख्यमंत्री धामी ने तीन ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो उत्तराखंड को तकनीकी और सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे:

  1. टाटा ट्रस्ट के साथ 10 साल का करार (सामाजिक विकास):उत्तराखंड सरकार, सेतु आयोग और टाटा ट्रस्ट ने सामाजिक विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिए हाथ मिलाया है। अगले एक दशक तक, ये तीनों जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और हरित ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। यह करार राज्य में सामाजिक-आर्थिक प्रगति का एक नया अध्याय लिखेगा।
  2. नासकॉम (NASSCOM) के साथ टेक्नोलॉजी हब की राह:सेतु आयोग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और नासकॉम/आईटी-आईटीईएस सेक्टर स्किल काउंसिल के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड को तकनीकी क्षेत्र में देश का अग्रणी स्किल सेंटर बनाना है। इस पहल के तहत:
    • राज्य के सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षा संस्थानों में एकेडमिक क्रेडिट के साथ कोर्स शुरू होंगे।
    • प्रत्येक जिले में एक मॉडल कॉलेज को ‘मेंटर इंस्टीट्यूट’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
    • इस पहल से लगभग 1.5 लाख छात्रों को फ्यूचर स्किल्स प्राइम प्लेटफॉर्म के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और पायथन जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा।
  3. वाधवानी फाउंडेशन के साथ स्किल डेवलपमेंट:वाधवानी फाउंडेशन के साथ तीन साल के समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस करार के तहत उत्तराखंड को उभरती तकनीकों और रोजगारपरक व्यक्तित्व विकास का केंद्र बनाया जाएगा। अगले शैक्षणिक सत्र से सभी सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों में एकेडमिक क्रेडिट के साथ कोर्स शुरू होंगे। इस पहल से करीब 1.2 लाख छात्रों को एआई-आधारित व्यक्तित्व विकास और स्वरोजगार से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

ये तीनों करार उत्तराखंड के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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