देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत (77 वर्ष) आदि कैलास की आध्यात्मिक यात्रा पूरी कर वापस देहरादून लौट चुके हैं।1 अपनी वापसी के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आज बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, आदि कैलास से लाई गई विशेष ‘पहाड़ी ककड़ी’ का स्वाद पत्रकारों को चखाने जा रहे हैं।
यह जानकारी हरीश रावत ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है। उन्होंने बताया कि पहले वे मंगलवार को पत्रकारों से बात करना चाहते थे, लेकिन वरिष्ठ पत्रकार विकास धूलिया के आकस्मिक निधन के कारण उन्होंने प्रेस वार्ता को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया।
काफल पार्टी और अब ककड़ी:
कुछ दिनों पहले, हरीश रावत ने देहरादून में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम देने वाले वीर सैनिकों को ‘काफल पार्टी’ समर्पित की थी। अब, एक बार फिर वे अपने डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आदि कैलास से लाई गई ककड़ी का लुत्फ उठाएंगे और दूसरों को भी चखाएंगे।
आदि कैलास यात्रा का अनुभव:
गौरतलब है कि हरीश रावत ने 29 मई को अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर बताया था कि उन्हें 27 मई को अपने साथियों के साथ आदि कैलास जी के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।2 उन्होंने लिखा था कि उन्होंने आदि कैलास जी के दर्शन कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद, 3 जून को उन्होंने आदि कैलास से वापस देहरादून लौटने की जानकारी दी थी। हरीश रावत ने बताया कि यह पहाड़ी ककड़ी कांग्रेस पार्टी के धारचूला विधायक हरीश धामी की ओर से भेजी गई है।
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