उत्तराखंड उपनल कर्मियों के लिए खुशखबरी: ‘समान पद समान वेतन’ का रास्ता साफ; शासन ने जारी किया अनुबंध का प्रारूप, 22 हजार परिवारों को मिलेगा लाभ

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात 22 हजार से अधिक उपनल (UPNL) कर्मियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शासन के कार्मिक विभाग ने ‘समान पद समान वेतन’ और ‘महंगाई भत्ता’ देने के लिए अनुबंध (Contract) का आधिकारिक प्रारूप जारी कर दिया है।

साथ ही, अनुबंध की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पहले से निर्धारित दो माह की समय-सीमा को दो माह के लिए और बढ़ा दिया गया है

यहाँ शासन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों और अनुबंध के मुख्य बिंदुओं का विस्तृत विवरण दिया गया है:

देहरादून (3 अप्रैल 2026): सरकार ने इसी वर्ष 2 फरवरी को उपनल कर्मियों को समान वेतन देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था, जिसे अब धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड पुलिस को मिला 'राष्ट्रपति पुलिस कलर'; राज्य के रजत जयंती वर्ष में मिली बड़ी उपलब्धि, सीएम धामी ने बताया ऐतिहासिक क्षण

1. कौन होंगे लाभान्वित? (पात्रता और समय-सीमा)

  • कट-ऑफ डेट: इस लाभ के लिए 12 नवंबर 2018 को कट-ऑफ डेट निर्धारित की गई है।

  • प्रथम चरण: पहले चरण में उन कर्मियों को शामिल किया जा रहा है जिन्होंने 2015 से पूर्व अपनी सेवाएं शुरू की थीं और अब तक न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं।

  • चरणबद्ध विस्तार: शेष बचे हुए कर्मियों को वर्ष 2028 तक चरणबद्ध तरीके से इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।

2. अनुबंध (Contract) के प्रारूप की मुख्य शर्तें

शासन ने अनुबंध के जो नियम तय किए हैं, उनमें अनुशासन और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है:

  • अवकाश की सुविधा: कर्मियों को एक वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश और 15 उपार्जित अवकाश (Earned Leave) का लाभ मिलेगा।

  • अनुशासन और आचरण: ड्यूटी के दौरान कड़ा अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य होगा। आपराधिक कृत्य में लिप्त पाए जाने पर तत्काल निलंबन और दोष सिद्ध होने पर सेवा समाप्ति का प्रावधान है।

  • स्वास्थ्य मानक: यदि कोई कर्मी अस्वस्थ होने के कारण लंबे समय तक कर्तव्यों के निर्वहन में असमर्थ रहता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है।

  • सेवा विस्तार: अनुबंध की अवधि सरकार द्वारा तय की जाएगी और इसे आगे बढ़ाने का पूर्ण अधिकार सरकार के पास सुरक्षित रहेगा।

  • नोटिस पीरियड: बिना कारण बताए नोटिस देकर भी सेवा समाप्त करने का अधिकार विभाग के पास होगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड कांग्रेस में 'महायुद्ध': हरीश रावत बनाम हरक सिंह; उपेक्षा से आहत रावत ने लिया 'ब्रेक', समर्थकों ने दी इस्तीफे की धमकी

3. समय-सीमा में विस्तार क्यों?

चूंकि पिछले दो महीनों में अनुबंध की प्रक्रिया और प्रारूप तय करने में समय लग गया, इसलिए सरकार ने इसे अगले दो महीनों के लिए और बढ़ा दिया है। इससे विभागों को अपने यहाँ तैनात हजारों कर्मियों के साथ कागजी औपचारिकताएं पूरी करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड कांग्रेस में 'महायुद्ध': हरीश रावत बनाम हरक सिंह; उपेक्षा से आहत रावत ने लिया 'ब्रेक', समर्थकों ने दी इस्तीफे की धमकी
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad