रानीखेत में दिनदहाड़े युवती पर गुलदार का जानलेवा हमला: गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर, कुंवाली क्षेत्र में दहशत

रानीखेत:
रानीखेत नगर से कुछ दूरी पर स्थित कालीगाढ़ पट्टी के कुंवाली क्षेत्र में सोमवार को दिनदहाड़े एक युवती पर गुलदार (तेंदुए) ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसके सिर, चेहरे, पीठ और गर्दन पर गुलदार के नाखूनों के गहरे घाव हैं। नागरिक चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद न्यूरो सर्जन न होने के कारण युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में एक बार फिर दहशत का माहौल है।
मवेशी लेने जंगल गई थी युवती, सहेलियों के शोर मचाने पर भागा गुलदार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऐना गांव निवासी दीवान सिंह की 22 वर्षीय पुत्री बबीता सोमवार अपराह्न करीब तीन बजे मवेशियों को लेने के लिए पास के जंगल की ओर निकली थी। उसके साथ गांव की अन्य सहेलियां और बच्चे भी थे। बताया जा रहा है कि बाकी लोग सड़क पर ही रुक गए, जबकि बबीता अकेले ही जंगल की तरफ आगे बढ़ गई। इसी दौरान घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।
बबीता के चीखने की आवाज सुनकर उसकी सहेलियों ने हिम्मत जुटाई और जोर-जोर से शोर मचाना (हो-हल्ला) शुरू किया। डर के बावजूद जब वे मौके की तरफ बढ़ीं, तो शोर से घबराकर गुलदार युवती को लहूलुहान हालत में छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीण तुरंत बबीता को नागरिक चिकित्सालय ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर पर गंभीर चोट होने की आशंका जताई है।
क्षेत्र में लंबे समय से वन्यजीवों का आतंक, पिंजड़ा लगाने की मांग
स्थानीय ग्रामीण चंदन सिंह ने बताया कि कुंवाली और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से गुलदार और जंगली सूअरों का आतंक बना हुआ है। आए दिन गुलदार पालतू मवेशियों को अपना निवाला बना रहा है। ग्रामीणों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग से क्षेत्र में तुरंत पिंजड़ा लगाने की मांग की है। गौरतलब है कि चार वर्ष पूर्व (2022 में) इसी ऐना गांव से लगे धनखोली वनक्षेत्र में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को भी गुलदार ने अपना शिकार बना डाला था।
वन विभाग की मुस्तैदी: लगेंगे ट्रैप कैमरे
घटना के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। मामले पर वन क्षेत्राधिकारी ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
“विभागीय टीम को घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया जा रहा है। इसके साथ ही गुलदार की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए जल्द ही ट्रैप कैमरे भी स्थापित किए जाएंगे।”
— मनोज लोहनी, वन क्षेत्राधिकारी, सोमेश्वर
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

