हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज: पार्किंग विवाद में HOD को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
हल्द्वानी: राजकीय मेडिकल कॉलेज में वाहन पार्किंग को लेकर उठा एक मामूली विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। फॉरेंसिक विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के वेलफेयर ऑफिसर के बीच हुई तकरार के बाद मामला पुलिस थाने तक पहुँच गया है। इसके अलावा, एक सहायक प्रोफेसर पर छात्रों के उत्पीड़न के आरोपों ने भी कॉलेज की सुर्खियाँ बढ़ा दी हैं।
पार्किंग को लेकर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत 18 फरवरी को हुई। फॉरेंसिक विभाग के मुख्य द्वार (एंट्रेंस) के सामने वाहन खड़ा करने को लेकर HOD डॉ. आशीष सिंह सजवाण और वेलफेयर ऑफिसर के बीच कहासुनी हुई थी।
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आरोप: डॉ. सजवाण का आरोप है कि जब उन्होंने एंट्रेंस से बुलेट हटाने को कहा, तो संबंधित ऑफिसर ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की।
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तहरीर: 19 फरवरी को डॉ. सजवाण ने मेडिकल कॉलेज चौकी में लिखित शिकायत दी, जिसमें जान से मारने की धमकी और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया गया है।
पुलिस और प्राचार्य की कार्रवाई
सोमवार को पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। चौकी इंचार्ज रवींद्र राणा ने बताया कि मामले की जांच जारी है और कॉलेज प्राचार्य से समन्वय किया जा रहा है।
वहीं, प्राचार्य डॉ. गोविंद तितियाल ने सख्त रुख अपनाते हुए फिलहाल सभी कर्मचारियों और फैकल्टी को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही वाहन खड़े करने के निर्देश दिए हैं।
एक अन्य मामला: सहायक प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप
मेडिकल कॉलेज में विवादों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। विभाग के ही एक सहायक प्रोफेसर पर छात्र-छात्राओं ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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स्पष्टीकरण: प्राचार्य डॉ. तितियाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित डॉक्टर से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
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उच्चस्तरीय जांच: कॉलेज प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
मुख्य बिंदु (Key Points)
| घटना | मुख्य पक्ष | वर्तमान स्थिति |
| पार्किंग विवाद | HOD फॉरेंसिक बनाम वेलफेयर ऑफिसर | पुलिस में तहरीर, बयान दर्ज |
| धमकी का आरोप | डॉ. आशीष सिंह सजवाण | जांच जारी |
| छात्र उत्पीड़न | सहायक प्रोफेसर | 2 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया |
प्राचार्य का कथन:
“पार्किंग विवाद में दोनों पक्षों से बात की जा रही है। अनुशासन सर्वोपरि है। छात्रों द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए समिति बनाई जाएगी।”
— डॉ. गोविंद तितियाल, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज

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