पुत्र की वन विभाग में रेंजर पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर रिटायर्ड फौजी से लाखों रुपए की ठगी, डीजीपी अशोक कुमार के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किया मुकदमा दर्ज
Fraud of lakhs of rupees from a retired soldier in the name of getting his son a job as a ranger in the Forest Department, on the orders of DGP Ashok Kumar, the police filed a case against the accused

राजू अनेजा,काशीपुर। यहां एक रिटायर्ड फौजी से उसके पुत्र की वन विभाग में रेंजर पद पर नौकरी लगाने के नाम पर लाखों की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है रिटायर्ड फौजी ने डीजीपी अशोक कुमार को पत्र लिखकर आरोपी को गिरफ्तार करने एवं रुपए वापस दिलाने की गुहार लगाई है ईधर डीजीपी अशोक कुमार के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
कुंडेश्वरी, काशीपुर निवासी विपिन चन्द्र भट्ट पुत्र स्व. गौरी दत्त भट्ट ने डीजीपी अशोक कुमार को शिकायती पत्र भेजकर बताया कि वह एक रिटार्यड फौजी है। फ्रेंड कालोनी, रामनगर (नैनीताल) निवासी शंकर सिंह रावत उसका परिचित है। शंकर रावत ने उसने बताया कि मेरे प्रधान मंत्री के खास आदमियों के साथ सम्बन्ध हैं। मैं किसी की भी नौकरी लगवा सकता हूँ। इस समय उत्तराखण्ड वन विभाग में वन क्षेत्राधिकारी के पदों की भर्ती होने वाली है। यदि कोई तुम्हारे पहचान का व्यक्ति है तो मैं उसकी नौकरी लगवा दूंगा।
विपिन चंद्र ने बताया कि मेरा लड़का बीटेक किये हुए है आौर बेरोजगार है इसलिए मैंने उससे कहा कि मेरे लड़के को लगवा दे, तो शंकर सिंह कहने लगा कि 18 लाख रूपये लगेंगे, लेकिन तुम मेरे परिचित हो तो मैं 15 लाख में तुम्हारे लड़के की नौकरी लगवा दूंगा। उस समय वहां पर छोई, रामनगर निवासी भारत जोशी भी मौजूद था। माह सितम्बर 2021 को शंकर सिंह रावत ने मुझे अपने घर बुलाया और कहा कि भर्ती की कार्यवाही शुरू होने वाली है तुम 2 लाख रुपये लेकर आओ। मैं दो-चार दिन के बाद शंकर सिंह रावत के घर गया लेकिन वह घर पर नहीं था। मैंने फोन किया तो उसने बताया कि मैं सल्ट में हूँ। मैंने कहा 2 लाख रुपये लाया हूँ तो शंकर सिंह ने कहा कि मेरे लड़के को दे दो।
विपिन चंद्र ने बताया कि उसके बाद शंकर सिंह बार-बार फोन करने लगा कि बाकी रुपये शीघ्र भेजो और कहने लगा कि जब परीक्षा होगी तो रुपये देने पड़ेंगे। मैंने 2 लाख रुपये एसबीआई बैंक कुण्डेश्वरी, 1,5 लाख रुपये बैंक आफ बड़ौदा, 50 हजार एवं 65 हजार रुपये लड़के के क्रेडिट कार्ड बैंक ऑफ बड़ौदा कुण्डेश्वरी के माध्यम से दे दिये। इस प्रकार मैने 6,65,000/- रुपये शंकर सिंह रावत को दे दिये, लेकिन शंकर सिंह ने मेरे लड़के की नौकरी नही लगवाई। जब मैने उससे बार-बार अपना रुपये माँगे तथा कहा कि तुमने मेरे लड़के की नौकरी नहीं लगवायी इसलिए मेरे रुपये वापस कर दो नहीं तो पुलिस में रिपोर्ट करूंगा तब उसने बडी मुश्किल से 15,000/- रूपये मेरे लड़के के खाते में तथा 20,000/- रुपये मेरे खाते में डाले। उस पर मेरे 6 लाख 30 हजार रुपये अभी भी उस पर बकाया है। अब जब भी मैं उसे फोन करता हूँ तो फोन नही उठाता। उसकी पत्नी ही उठाती है और कहती है कि वो बाहर गये हैं। इधर डीजीपी अशोक कुमार के आदेश पर पुलिस ने मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
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