सहेली को बचाने के लिए बाघ से भिड़ गईं दो महिलाएं, लाठी और दरांती से बाघ को भगाया

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उत्तराखंड की दो महिलाओं ने अपनी एक दोस्त को बचाने के लिए बाघ से ही पंगा ले लिया। अपनी बहादुरी और सूझ-बूझ से दोनों महिलाएं बाघ से भिड़ने के लिए तैयार हो गईं। ये घटना उत्तराखंड राज्य के चंपावत जिले की बून फॉरेस्ट रेंज की है।

TOI ने मंगलवार को रिपोर्ट दी कि तीन महिलाएं चारा लाने फॉरेस्ट रेंज में गई थीं कि तभी बाघ ने 36 साल की गीता देवी पर हमला कर दिया। बाघ ने गीता को दबोच 40 मीटर जंगल की गहराई में खींचकर ले गया।

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डंडों और हंसिए से टाइगर को भगाया

बून फॉरेस्ट रेंजर गुलजार हुस्सैन ने बताया कि जैसे ही बाघ गीता को जंगल के भीतर खींचकर ले जाने लगा उनकी दोस्त 36 वर्षीय जानकी देवी और 37 वर्षीय पार्वती देवी ने तुरंत एक्शन लिया। दोनों ने हंसिए और डंडों से बाघ को डराने की कोशिश की। साथ ही अपनी दोस्त को बचाने के लिए बाघ पर पत्थर बरसाए। आखिरकार दोनों की मेहनत रंग लाई और बाघ वहां से भाग गया। गीता को बचा तो लिया गया लेकिन उनके घावों से बहुत ज्यादा खून बह रहा था। गीता गंभीर रूप से घायल हैं लेकिन अभी भी जिंदा है। महिला को टनकपुर के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और अब खतरे से बाहर हैं।

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टनकपुर के एक अस्पताल में डॉक्टर मोहम्मद आफताब आलम ने कहा, “उनके सिर पर चोट लगी है और 24 टांके लगे हैं। लेकिन वह अब खतरे से बाहर हैं।” बाद में उन्होंने गीता को सीटी स्कैन और आगे के इलाज के लिए हल्द्वानी के एक उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर कर दिया।