
राजू अनेजा ,रुद्रपुर। सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था पर रविवार को एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी वार्ड में मरीज की जगह एक आवारा कुत्ता “भर्ती” मिला, जो बेखौफ होकर मरीज के बेड पर आराम फरमाता नजर आया। इलाज की जगह इमरजेंसी वार्ड अव्यवस्था का प्रतीक बन गया।
इस शर्मनाक नजारे का वीडियो मरीज के परिजन ने मोबाइल में कैद कर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आते ही अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हो गई और सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
हैरानी की बात यह रही कि इमरजेंसी वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में काफी देर तक न तो किसी सुरक्षा कर्मी ने ध्यान दिया और न ही ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने। अंततः मरीजों और तीमारदारों ने खुद ही कुत्ते को बाहर निकाला।
वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स ने अस्पताल की सुरक्षा, स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए। लोगों का कहना है कि जहां इमरजेंसी वार्ड तक सुरक्षित नहीं, वहां मरीजों की जान पूरी तरह भगवान भरोसे है।
अगर कुत्ता मरीज को काट लेता, तो जवाबदेह कौन होता?
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने अस्पताल प्रशासन को आड़े हाथों लिया। यूजर्स का कहना है कि जहां इमरजेंसी वार्ड में कुत्ते बेधड़क घुस रहे हों, वहां मरीजों की जान भगवान भरोसे ही है।
यह घटना सरकारी अस्पतालों की खोखली व्यवस्थाओं पर करारा तमाचा है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जवाबदेही तय करता है या फिर यह मामला भी कागजों में ही दबकर रह जाएगा।
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