भूकंप से तबाही झेल रहे म्यांमार को भारत ने की मदद, 15 टन राहत सामग्री भेजी

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म्यांमार में आए भीषण भूकंप के बाद भारत ने तुरंत मानवीय सहायता के रूप में 15 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेजी है. भारतीय वायुसेना (IAF) के C-130J विमान ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरी और राहत सामग्री लेकर म्यांमार पहुंची.

इस सहायता पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वॉटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने और पट्टियां जैसी जरूरी दवाएं शामिल हैं. भारत हमेशा प्राकृतिक आपदाओं के समय पड़ोसी देशों की मदद के लिए तत्पर रहा है और इस बार भी उसने अपनी जिम्मेदारी निभाई है.

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार शुक्रवार (28 मार्च) रात 11:50 बजे म्यांमार में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किमी की गहराई पर था जिससे आफ्टरशॉक्स आने की संभावना बढ़ गई. भारतीय समयानुसार कुछ ही मिनटों बाद 6.4 तीव्रता का एक और भूकंप आया जिससे नुकसान और बढ़ गया.

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थाईलैंड में भी महसूस हुए झटके, लोग घरों से निकले बाहर

इस शक्तिशाली भूकंप के झटके सिर्फ म्यांमार तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि थाईलैंड के बैंकॉक सहित कई अन्य इलाकों में भी महसूस किए गए. प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भूकंप के झटकों से बैंकॉक में कई इमारतें हिलने लगी जिससे घबराए लोग तुरंत घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि स्विमिंग पूल का पानी लहरों की तरह बाहर आ गया और कुछ जगहों पर छोटी इमारतों को नुकसान पहुंचा. इस भूकंप ने पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में भय का माहौल पैदा कर दिया है.

म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही

इस भूकंप ने म्यांमार में भारी तबाही मचाई. राजधानी नेपीडॉ और मंडालय समेत कई शहरों में भूकंप से कई इमारतें ढह गई. चतुचक जिले में एक निर्माणाधीन 30 मंजिला गगनचुंबी इमारत पूरी तरह गिर गई जिसमें 43 मजदूर फंस गए. द नेशन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इस बिल्डिंग में काम कर रहे श्रमिकों को बचाने के लिए बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं. वहीं एक वीडियो में म्यांमार की इरावदी नदी पर बना एक पुल भूकंप के झटकों की वजह से ढहते हुए दिखाई दे रहा है जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया.

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प्रधानमंत्री मोदी ने जताई चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विनाशकारी भूकंप पर गहरी चिंता जाहिर की और कहा कि भारत म्यांमार और थाईलैंड को हरसंभव सहायता प्रदान करेगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कहा, ‘म्यांमार और थाईलैंड में आए भीषण भूकंप की वजह से पैदा स्थिति को लेकर चिंतित हूं. वहां के सभी लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं. भारत इस मुश्किल घड़ी में हरसंभव मदद के लिए तैयार है.’ भारत पहले भी नेपाल, तुर्की और अन्य देशों में प्राकृतिक आपदा के समय राहत भेज चुका है और इस बार भी उसने अपनी मित्रता और संवेदनशीलता को साबित किया है.

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राहत और बचाव कार्य जारी

म्यांमार और थाईलैंड में आए इस भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है. स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं. आपदा प्रबंधन दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को उपचार प्रदान करने में लगे हुए हैं. अनुमान है कि इस भूकंप में कई इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. भूकंप के बाद के झटकों की संभावना को देखते हुए लोगों को एक्टिव रहने की सलाह दी गई है.

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