मां पूर्णागिरि दरबार पहुंचना होगा आसान: अगले साल से शुरू होगा रोपवे, 6 किमी की दूरी मात्र 7 मिनट में होगी तय
टनकपुर/चंपावत: उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। अगले वर्ष से भक्तों को माता के दर्शन के लिए घंटों की खड़ी चढ़ाई और लंबी कतारों से मुक्ति मिल जाएगी। चंपावत जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था के प्रयासों से बहुप्रतीक्षित रोपवे परियोजना का काम अब धरातल पर तेजी से उतरने लगा है।
950 मीटर का सफर, 65 श्रद्धालुओं की क्षमता
अभी तक हनुमानचट्टी से काली मंदिर तक का लगभग 6 किलोमीटर का सफर तय करना श्रद्धालुओं के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहता था। रोपवे बनने के बाद यह दूरी सिमटकर मात्र 950 मीटर रह जाएगी।
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समय की बचत: एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक की 250 मीटर की ऊंचाई को यह रोपवे महज 7 मिनट में पार कर लेगा।
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बड़ी क्षमता: रोपवे में एक साथ दो ट्रालियां संचालित होंगी। प्रत्येक ट्राली में एक बार में 65 श्रद्धालु सवार हो सकेंगे।
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प्रवाह: अनुमान है कि इस सुविधा से हर घंटे करीब 800 श्रद्धालु सुगमता से मां के दरबार पहुंचेंगे।
50 करोड़ की लागत और 25% काम पूरा
दिल्ली की संस्था ‘केआर आनंद कंस्ट्रक्शन लिमिटेड’ द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से इस प्रोजेक्ट का निर्माण किया जा रहा है। जिलाधिकारी चंपावत, मनीष कुमार के अनुसार, अब तक परियोजना का 25 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। संस्था को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अगले वर्ष तक काम पूरा कर इसे हैंडओवर कर दिया जाए।
बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगी बड़ी राहत
उच्च पर्वतीय चोटी पर स्थित होने के कारण मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए चढ़ाई करना बच्चों, महिलाओं और खासकर बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए काफी कठिन होता था। रोपवे शुरू होने से इन सभी वर्गों को भारी सहूलियत मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रोजेक्ट के मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
| विशेषता | विवरण |
| कुल लागत | लगभग 50 करोड़ रुपये |
| रोपवे की लंबाई | 950 मीटर |
| समय अवधि | 7 मिनट (एक फेरा) |
| यात्री क्षमता | 800+ श्रद्धालु प्रति घंटा |
| वर्तमान प्रगति | 25% कार्य पूर्ण |
| लाभार्थी | वृद्ध, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांग श्रद्धालु |
जिलाधिकारी का कथन:
“कार्यदायी संस्था को अगले वर्ष तक काम पूरा कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए हैं। गुणवत्ता और समय का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कार्य तेजी से चल रहा है।”
— मनीष कुमार, जिलाधिकारी, चंपावत

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