छात्र दिव्यांश जटराना की मौत पर ‘न्याय युद्ध’; आशारोड़ी बॉर्डर पर जुटेंगे हजारों किसान, राकेश टिकैत ने आंदोलन को बताया ‘अनिश्चितकालीन’

खबर शेयर करें -

देहरादून के प्रेमनगर में छात्र दिव्यांश जटराना की मौत के मामले ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। मुजफ्फरनगर के रहने वाले इस छात्र को न्याय दिलाने के लिए आज, 3 अप्रैल 2026 को आशारोड़ी चेक पोस्ट पर भारी संख्या में किसान संगठनों के जुटने की संभावना है।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। यहाँ इस विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था की मुख्य जानकारी दी गई है:

देहरादून/आशारोड़ी (3 अप्रैल 2026): 23 मार्च को हुई मारपीट में घायल छात्र की मौत के बाद, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान संगठनों ने राजधानी देहरादून के प्रवेश द्वार को घेरने की तैयारी कर ली है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड उपनल कर्मियों के लिए खुशखबरी: 'समान पद समान वेतन' का रास्ता साफ; शासन ने जारी किया अनुबंध का प्रारूप, 22 हजार परिवारों को मिलेगा लाभ

1. आंदोलन की रणनीति: भगवानपुर से आशारोड़ी तक का सफर

  • एकत्रीकरण: किसान आज सुबह 9:00 से 9:30 बजे के बीच भगवानपुर टोल प्लाजा पर इकट्ठा हो रहे हैं।

  • काफिला: बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार से आए किसान एक साथ काफिले के रूप में देहरादून की ओर बढ़ेंगे।

  • तैयारी: टिकैत ने किसानों से राशन और पानी साथ लाने को कहा है, जिसका सीधा संकेत है कि यह धरना लंबा खिंच सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड पुलिस को मिला 'राष्ट्रपति पुलिस कलर'; राज्य के रजत जयंती वर्ष में मिली बड़ी उपलब्धि, सीएम धामी ने बताया ऐतिहासिक क्षण

2. प्रशासन की चुनौती: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर असर

बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों के जुटने से देहरादून-दिल्ली मार्ग पर यातायात (Traffic) पूरी तरह प्रभावित हो सकता है:

  • ट्रैफिक डायवर्जन: पुलिस ने आशारोड़ी चेक पोस्ट और मोहंड क्षेत्र में रूट डायवर्जन की योजना बनाई है।

  • सुरक्षा बल: स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए चेक पोस्ट पर अतिरिक्त पीएसी (PAC) और पुलिस बल तैनात किया गया है।

  • सीसीटीवी निगरानी: बॉर्डर पर आने-जाने वाले हर वाहन की सघन निगरानी की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड कांग्रेस में 'महायुद्ध': हरीश रावत बनाम हरक सिंह; उपेक्षा से आहत रावत ने लिया 'ब्रेक', समर्थकों ने दी इस्तीफे की धमकी

3. मुख्य मांग: ‘निष्पक्ष जांच और सख्त सजा’

किसान संगठनों का आरोप है कि प्रेमनगर पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:

  • दिव्यांश जटराना की हत्या के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी।

  • मामले की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई।

  • पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad