संसद की सुरक्षा में सेंध, फर्जी आधार कार्ड के जरिये संसद में घुसने की कोशिश कर रहे कासिम, शोएब और मोनिस को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Police arrested Qasim, Shoaib and Monis, who were trying to enter Parliament through fake Aadhaar card, breach in the security of Parliament.

खबर शेयर करें -

दिल्ली। देश में हुए लोकसभा चुनाव निबटने के बाद नव नियुक्त सरकार का गठन से पूर्व संसद की सुरक्षा से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।राजधानी दिल्ली के पार्लियामेंट थाना पुलिस ने संसद की सुरक्षा में सेंध लगा रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी इस हरकत की खबर सामने आते ही संसद की सुरक्षा में लगीं सभी सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं।

बाद में सामने आया कि यह तीन लोग वहीं काम करने वाले मजदूर हैं। आरोपियों की पहचान हापुड़ निवासी कासिम, सोएब और अमरोहा निवासी मोनिस के तौर पर की है।

तीनों की उम्र करीब 18 साल है और वह संसद भवन में एक कॉन्ट्रैक्टर शाहनवाज आलम के अधीन काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक तीनों के पास कैजुअल एंट्री पास थे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में प्री-मानसून की आक्रामकता से बढ़ी चिंता: 25 जून तक पहुंचेगा मानसून, कुल वर्षा 5 से 8% कम रहने का अनुमान; विशेषज्ञों ने दी कम समय में भारी बारिश की चेतावनी

गेट संख्या तीन पर रोके गए मजदूर

गेट संख्या तीन पर संसद की सुरक्षा में तैनात एएसआई अनिल कुमार ने तीनों को जांच के लिए रोका और उनसे कैजुअल पास के अलावा उनका आई कार्ड मांगा। जब कासिम और मोनिस ने एक ही आधार दिखाया तो तीनों को मौके पर ही पकड़ लिया।

यह भी पढ़ें 👉  रुद्रपुर में दर्दनाक ट्रेन हादसा: रेलवे ट्रैक पर सोए मजदूर का हाथ कटा; अत्यधिक खून बहने से हालत चिंताजनक, समाजसेवियों और पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल

एक ही आधार पर थीं अलग-अलग तस्वीरें

पुलिस के मुताबिक आधार कार्ड एक ही था, मगर उस पर अलग-अलग फोटो थी। आरोपियों ने आधार कार्ड को फर्जीवाड़ा कर बनाया था।पार्लियामेंट थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ 419, 465, 468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सुरक्षा एजेंसियां भी कर रहीं पूछताछ

मामला संसद की सुरक्षा से जुड़ा होने के चलते लोकल पुलिस के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी आरोपियों से पूछताछ की है।

यह भी पढ़ें 👉  दो-दो कप्तानों का पहरा भी नहीं बचा सका गढ़ीनेगी का किला, अब 2027 को लेकर उठे सवाल

अभी तक की जांच में आया है कि तीनों मजदूर हैं। एक के पास आईडी नहीं थी तो उसने दूसरे साथी मजदूर के आधार कार्ड से छेड़छाड़ कर उसे अपने लिए इस्तेमाल किया।

Ad