कोटद्वार विवाद: ‘बाबा ड्रेस’ के नाम पर रार, दीपक कुमार बने ‘हीरो’ और पुलिस की कार्रवाई
कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) की एक छोटी सी दुकान ‘बाबा ड्रेस’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक राष्ट्रीय राजनीतिक बहस में तब्दील हो गया है। इस पूरे प्रकरण ने न केवल स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक तनाव पैदा किया, बल्कि ‘संवैधानिक मूल्यों’ और ‘नफरत बनाम मोहब्बत’ जैसे बड़े विमर्श को भी जन्म दे दिया है।
इस विवाद के सभी पहलुओं का संक्षिप्त और स्पष्ट विश्लेषण नीचे दिया गया है:
यह मामला तब गरमाया जब कोटद्वार के एक स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने भीड़ के सामने अकेले खड़े होकर एक मुस्लिम दुकानदार का बचाव किया।
🚩 विवाद की जड़: ‘बाबा’ शब्द पर आपत्ति
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तर्क: बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों का कहना है कि कोटद्वार में ‘बाबा’ शब्द का अर्थ केवल सिद्धबली हनुमान जी से है। उनका आरोप है कि मुस्लिम दुकानदार द्वारा इस नाम का उपयोग करना लोगों को भ्रमित करने वाला और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है।
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घटनाक्रम: दुकानदार शोएब ने पहले नाम बदलने का आश्वासन दिया था, लेकिन दुकान शिफ्ट करने के बाद भी नाम नहीं बदला, जिससे शनिवार को भारी हंगामा हुआ।
🥊 दीपक कुमार: ‘देश का हीरो’ बनाम ‘आरोपी’
स्थानीय जिम ट्रेनर दीपक कुमार इस पूरे मामले के केंद्र में हैं:
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राहुल गांधी का समर्थन: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान” का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीपक ने संविधान और मानवता की रक्षा के लिए अकेले भीड़ का मुकाबला किया।
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जवाबी आरोप: बजरंग दल का आरोप है कि दीपक ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ कहकर उन्हें उकसाया। पुलिस ने दीपक और उनके साथियों पर गाली-गलौज और मारपीट की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है।
⚖️ पुलिसिया कार्रवाई: 3 अलग-अलग मुकदमे
तनाव को देखते हुए कोटद्वार पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है:
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सरकारी कार्य में बाधा: पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने वाले 30-40 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस।
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वकील अहमद की तहरीर: दुकानदार पक्ष की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत।
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कमल पाल की तहरीर: दीपक कुमार और उनके साथियों के खिलाफ जाति-सूचक शब्दों के इस्तेमाल और हमले का मुकदमा।
📋 मामले की वर्तमान स्थिति
| पक्ष | मुख्य तर्क / स्थिति |
| हिंदू संगठन | ‘बाबा’ शब्द पर केवल हिंदू आस्था का अधिकार; नाम बदलने की मांग। |
| दीपक कुमार | दुकानदार का बचाव किया; अब सोशल मीडिया पर चर्चित। |
| प्रशासन | शहर में शांति के लिए फ्लैग मार्च; सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर नजर। |
| राजनीति | राहुल गांधी के बयान के बाद मामला अब स्थानीय से नेशनल हो चुका है। |
⚠️ कानून-व्यवस्था की चुनौती
कोटद्वार पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती शहर के सांप्रदायिक सौहार्द को बचाए रखना है। शनिवार की घटना के बाद से ही शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने बैरियर तोड़कर कानून हाथ में लिया।

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