रामनगर: बाघ के हमले में मजदूर की मौत, एक हफ्ते में तीसरी घटना; दहशत में ग्रामीण

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रामनगर (उत्तराखंड): उत्तराखंड में वन्यजीवों के हमले के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में, रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत देचोरी रेंज के पाटकोट क्षेत्र के भलोन गांव में रविवार शाम एक बाघ ने एक मजदूर को मार डाला। यह मजदूर मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और सिंचाई विभाग के पाइपलाइन बिछाने के काम के लिए रामनगर आया हुआ था।

💔 हमले का विवरण

  • समय और स्थान: रविवार शाम करीब 7 बजे, मजदूर (अभिमन्यु कुमार) भलोन क्षेत्र में पूर्व प्रधान मनमोहन पाठक की गौशाला के पास पाइपलाइन फिटिंग का काम कर रहा था।

  • घटना: अचानक जंगल से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया और उसे घसीट कर जंगल के भीतर ले गया।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: अन्य मजदूरों के शोर मचाने के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। रामनगर वन प्रभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और हाथियों, पैदल दलों एवं ड्रोन की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

  • शव बरामदगी: कुछ दूरी पर जंगल के भीतर मजदूर का शव बरामद किया गया, जिसके बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल और बढ़ गया।

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मृतक की पहचान:

  • नाम: अभिमन्यु कुमार पुत्र भगेलू साह (उम्र 30 वर्ष)

  • निवासी: जोकटिया, थाना मझौलिया, जिला बेतिया (पश्चिम चंपारण), बिहार

⚠️ एक हफ्ते में तीसरी घटना

गौर करने लायक है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है। इससे पहले, टोटाम के क्यारी गांव और सांवल्दे क्षेत्र में भी बाघ के हमलों में दो महिलाओं की जान जा चुकी है।

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🚨 वन विभाग की कार्रवाई

रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे दुखद बताया और कहा:

“घटना स्थल पर पिंजरा लगाने की अनुमति मिल गई है। जिसके बाद बाघ को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है, वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है और पूरे इलाके में कड़ी निगरानी की जा रही है। नागरिकों से सतर्क रहने और वन विभाग का सहयोग करने की अपील की गई है।”

📢 ग्रामीणों की मांग

बाघ के लगातार हमलों से ग्रामीणों और मजदूरों में भारी दहशत है। क्षेत्रीय राज्य आंदोलनकारी अध्यक्ष नवीन नैनवाल समेत ग्रामीणों ने वन विभाग से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने और ठोस सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

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