उत्तराखंड में पीएमजीएसवाई 4.0 का बड़ा विस्तार: ₹1,707 करोड़ से बनेंगी 184 सड़कें, 309 दुर्गम गांव पहली बार मुख्य सड़क से जुड़ेंगे
देहरादून। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGYSY) ने उत्तराखंड के सुदूर और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में विकास और आवागमन को एक नई रफ्तार दी है। योजना के चौथे चरण (4.0) के पहले चक्र के तहत प्रदेश के 309 दुर्गम गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए लगभग ₹1,707 करोड़ की लागत से 1,228.20 किमी लंबी 184 नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। चौथे चरण के तहत राज्य के सभी 13 जिलों में कुल ₹9,344 किमी लंबाई की 1,479 सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे कुल 1,490 दूरस्थ गांवों तक पक्की सड़क की पहुंच सुनिश्चित होगी। प्रथम चक्र में सर्वाधिक 68 लाभान्वित गांवों के साथ पौड़ी जिला शीर्ष पर है, जबकि अल्मोड़ा व टिहरी के 47-47 और बागेश्वर के 35 गांव शामिल हैं।
तीन चरणों में 11,595 करोड़ खर्च, सीएम धामी के प्रयासों से मिली 1,700 करोड़ की त्वरित स्वीकृति
उल्लेखनीय है कि पीएमजीएसवाई के शुरुआती तीन चरणों में राज्य में ₹11,595 करोड़ की लागत से 21,915 किमी लंबी 2,826 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जिससे 1,860 गांव लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिसंबर 2025 में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से की गई वार्ता के बाद चौथे चरण के लिए ₹1,700 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मिली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों को सड़क मार्ग से जोड़ने से न केवल ग्रामीणों की राह आसान हुई है, बल्कि इससे स्थानीय पर्यटन, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई संजीवनी मिल रही है।
पीएमजीएसवाई 4.0: जिलावार लाभान्वित होने वाले गांवों और प्रस्तावित सड़कों का विवरण
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पिथौरागढ़: 249 गांव (1,819.6 किमी)
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अल्मोड़ा: 221 गांव (1,395.5 किमी)
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पौड़ी: 185 गांव (1,227.8 किमी)
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चमोली: 175 गांव (996.15 किमी)
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टिहरी: 168 गांव (941.5 किमी)
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उत्तरकाशी: 112 गांव (721.99 किमी)
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रुद्रप्रयाग: 111 गांव (469.2 किमी)
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बागेश्वर: 101 गांव (569.82 किमी)
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नैनीताल: 67 गांव (399.55 किमी)
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देहरादून: 52 गांव (390 किमी)
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चंपावत: 39 गांव (387.3 किमी)
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ऊधमसिंह नगर: 9 गांव (22.3 किमी)
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हरिद्वार: 1 गांव (3.1 किमी)

