पूर्णागिरि दर्शन कर लौट रही यूपी की नाबालिग ने अस्पताल में दिया अविकसित शिशु को जन्म; जन्म के तुरंत बाद नवजात की मौत, टनकपुर में जीरो FIR दर्ज

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टनकपुर (चम्पावत), 17 जून 2026: मां पूर्णागिरि के दर्शन कर लौट रही उत्तर प्रदेश की एक १५ वर्षीय नाबालिग किशोरी द्वारा टनकपुर उपजिला चिकित्सालय में एक अविकसित शिशु को जन्म देने का बेहद संवेदनशील और विधिक रूप से पेचीदा मामला सामने आया है। जन्म के कुछ ही क्षणों बाद नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। मामले की गंभीरता और पीड़िता के नाबालिग होने के दृष्टिगत टनकपुर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ पोक्सो अधिनियम व अन्य सुसंगत धाराओं में ‘जीरो एफआईआर’ (Zero FIR) पंजीकृत कर ली है।

दर्शन के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत; अस्पताल में हुआ प्रसव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया क्षेत्र से एक १५ वर्षीय किशोरी मंगलवार को अपने चाचा-चाची के साथ सुप्रसिद्ध सिद्धपीठ मां पूर्णागिरि के दर्शन करने आई थी।

  • रास्ते में हुआ दर्द: मुख्य मंदिर में दर्शन का विधिक व धार्मिक कार्य पूरा कर जब वह परिजनों के साथ वापस लौट रही थी, तो अचानक उसके पेट में तेज दर्द उठा और स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड़ गया।

  • अविकसित शिशु का जन्म: परिजन उसे तत्काल टनकपुर के उपजिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां प्रसव कक्ष में चिकित्सकों की देखरेख में उसने एक शिशु को जन्म दिया।

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6 माह का था शिशु, डीएनए (DNA) जांच के लिए सुरक्षित रखा सैंपल

मामले की चिकित्सीय और विधिक स्थिति स्पष्ट करते हुए उपजिला अस्पताल की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. प्रभा जोशी ने बताया:

“नाबालिग किशोरी ने करीब छह माह के एक प्री-मैच्योर (अविकसित) शिशु को जन्म दिया था। शारीरिक रूप से पूर्ण विकसित न होने के कारण जन्म के तुरंत बाद ही नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। विधिक साक्ष्यों और पहचान की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए मृत शिशु का डीएनए (DNA) सैंपल सुरक्षित ले लिया गया है।”

पीलीभीत के जहानाबाद थाने स्थानांतरित किया गया मामला: कोतवाल चेतन सिंह रावत

अस्पताल प्रशासन की विधिक सूचना पर टनकपुर कोतवाली पुलिस बल तुरंत मोर्चे पर पहुंचा और पीड़िता व उसके परिजनों के बयान दर्ज किए। मामले में की गई त्वरित विधिक कार्रवाई की जानकारी देते हुए टनकपुर के कोतवाल चेतन सिंह रावत ने बताया:

“चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपी के विरुद्ध कानूनन जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्राथमिक विधिक क्षेत्राधिकार की जांच में सामने आया है कि घटनाक्रम उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के जहानाबाद पुलिस थाना क्षेत्र से संबंधित है। इसलिए, दर्ज की गई जीरो एफआईआर और विधिक केस डायरी को अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई व विस्तृत विवेचना के लिए संबंधित जहानाबाद थाने को स्थानांतरित (Transfer) किया जा रहा है।”

विधिक जानकारों के अनुसार, इस स्थानांतरण के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश देगी और टनकपुर से भेजे गए डीएनए सैंपल को विधिक साक्ष्य के रूप में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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