नैनीताल: सरोवर नगरी में नंदा देवी मेले का आगाज
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में मां नंदा देवी मेले का भव्य आगाज हो गया है। कदली वृक्ष यानी केले के पेड़ से मां नंदा और सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। ब्रह्म मुहूर्त में इन प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा कर इन्हें भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।
पर्यावरण-हितैषी हैं प्रतिमाएं
मां नंदा और सुनंदा की इन मूर्तियों को पूरी तरह से हाथों से बनाया जाता है, और ये इको-फ्रेंडली होती हैं। मूर्तियों के निर्माण में रुई, बांस, कपास और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। मूर्तिकार आरती बताती हैं कि ये प्रतिमाएं अपना स्वरूप खुद धारण करती हैं, और उनका चेहरा कभी हँसता हुआ तो कभी दुख भरा होता है, जिससे भविष्य का आकलन भी किया जाता है। मूर्ति विसर्जन के बाद ये प्राकृतिक पदार्थ प्रकृति को कोई नुकसान नहीं पहुँचाते हैं।
पौराणिक कथा और मान्यताएं
मेले से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार मां नंदा और सुनंदा अपने ससुराल जा रही थीं, तभी एक राक्षस रूपी भैंस ने उनका पीछा किया। दोनों केले के पेड़ के पीछे छिप गईं, लेकिन एक बकरे ने पेड़ के पत्ते खाकर उन्हें उजागर कर दिया, जिसके बाद राक्षस ने उन्हें मार दिया। इसी घटना की याद में यह मेला मनाया जाता है। मान्यता है कि अष्टमी के दिन मां नंदा सुनंदा स्वर्ग से धरती पर अपने मायके आती हैं और कुछ दिन रहने के बाद वापस लौट जाती हैं।



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