देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वन विभाग की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में मुख्य रूप से वन दरोगा, वन आरक्षी और सांख्यिकीय अधिकारी के पदों से जुड़ी नियमावलियों में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
वन दरोगा: अब इंटरमीडिएट नहीं, ग्रेजुएशन अनिवार्य
कैबिनेट ने वन दरोगा पद के लिए शैक्षिक योग्यता के मानकों में बड़ा बदलाव किया है:
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बढ़ी शैक्षिक योग्यता: अब तक इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं (इंटरमीडिएट) थी, जिसे अब बढ़ाकर स्नातक (ग्रेजुएशन) कर दिया गया है।
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संगठन में खुशी: वन दरोगा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष स्वरूप चंद रमोला ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विभाग में पेशेवर दक्षता बढ़ेगी।
भर्ती के लिए नई आयु सीमा निर्धारित
सरकार ने वन दरोगा और वन आरक्षी के पदों के लिए आयु सीमा को भी पुनर्गठित किया है:
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वन दरोगा: इस पद के लिए नई आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई है।
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वन आरक्षी: वन आरक्षी के पद के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
सांख्यिकीय सेवा नियमावली में सुधार
वन विभाग के भीतर सांख्यिकीय अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए भी नियमों में संशोधन किया गया है:
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रिक्त पदों पर भर्ती: विभाग में सांख्यिकीय अधिकारियों के 4 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
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स्पष्टता: पुरानी नियमावली में शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी अनुभव को लेकर जो अस्पष्टता थी, उसे नए संशोधनों के माध्यम से दूर कर दिया गया है।
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