राजू अनेजा,काशीपुर।शरीर में गांठ के नाम पर अब मरीजों की जेब नहीं कटेगी। काशीपुर के एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में अब FNAC (फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) जांच शुरू हो गई है। यह वही जांच है, जो अब तक निजी लैबों में 1400 से 2000 रुपये वसूलकर कराई जा रही थी।
अब यही जांच सरकारी दरों पर उपलब्ध होगी—तेज, सुरक्षित और किफायती।
FNAC जांच शरीर में मौजूद गांठ, सूजन या संदिग्ध ऊतकों की सच्चाई तुरंत सामने लाती है। इसमें पतली खोखली सुई के जरिए कोशिकाओं का सैंपल लिया जाता है, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि गांठ कैंसर है या साधारण।
यह जांच खासतौर पर
स्तन
थायरॉइड
गर्दन के लिम्फ नोड्स
लार ग्रंथियों
में होने वाली गांठों की पहचान में कारगर है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि मरीजों को बिना चीर-फाड़, बिना ऑपरेशन और बिना टांकों के सही निदान मिल जाता है। साथ ही यह जांच टीबी की पुष्टि में भी उपयोगी है।
सरकारी अस्पताल की लैब में माइक्रोस्कोपी जांच भी की जा रही है, जिसमें मूत्र, ऊतक और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों में संक्रमण, किडनी रोग, मधुमेह और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान की जाती है।
गौरतलब है कि काशीपुर सरकारी अस्पताल पर आसपास के क्षेत्रों का बड़ा भार है। यहां रोजाना 40 से 50 मरीज विभिन्न जांचों के लिए पहुंचते हैं। अब FNAC सुविधा शुरू होने से न सिर्फ मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि निजी लैबों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी।
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