गियर वाली बाइक के लाइसेंस से अब नहीं चला सकेंगे स्कूटी, अलग से कराना होगा उल्लेख; जन विश्वास अधिनियम के तहत मोटर यान नियमों में बड़े बदलाव

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देहरादून। देश भर की भांति उत्तराखंड राज्य में भी ‘जन विश्वास अधिनियम’ लागू हो गया है, जिसके तहत मोटर यान अधिनियम (Motor Vehicles Act) के कई नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब गियर वाली मोटरसाइकिल (Motorcycle with Gear) के लाइसेंस पर बिना गियर वाला दोपहिया वाहन (जैसे स्कूटी या जुपिटर) चलाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी वाहन चालक के पास गियर वाली बाइक का ड्राइविंग लाइसेंस है, तो उसे बिना गियर वाले वाहन (Motorcycle without Gear) की श्रेणी का उल्लेख अपने लाइसेंस में अलग से जुड़वाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, अब ड्राइविंग लाइसेंस की समयावधि (Validity) समाप्त होने के बाद भी वह 30 दिनों तक वैध माना जाएगा, जिसके भीतर चालक को इसे रिन्यू कराना होगा।
पूरे प्रदेश में किसी भी RTO से बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण
मोटर यान अधिनियम में किए गए इस बड़े बदलाव से आम जनता को बड़ी राहत भी मिली है। अब कोई भी व्यक्ति अपने गृह जिले या संभाग के दायरे से बाहर जाकर पूरे राज्य के किसी भी आरटीओ (RTO) या एआरटीओ (ARTO) कार्यालय से अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकता है और अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन (Vehicle Registration) करा सकता है। इससे पहले तक वाहन मालिक को उसी आरटीओ या उपसंभाग में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था, जहाँ का उसका स्थायी या वर्तमान निवास प्रमाण पत्र होता था।
बिना बीमा वाहन चलाने पर जेल की सजा खत्म, लेकिन भारी जुर्माना लागू
नए संशोधन में वाहन के थर्ड-पार्टी बीमा (Vehicle Insurance) को लेकर भी सख्त आर्थिक प्रावधान किए गए हैं, हालांकि बिना बीमा वाहन चलाने पर जेल की सजा के प्रावधान को खत्म कर दिया गया है। पहली बार बिना बीमा के वाहन चलाते पकड़े जाने पर वाहन स्वामी से बीमा के बेस प्रीमियम का 3 गुना या ₹5,000 (जो भी अधिक हो) का जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं, दूसरी बार दोबारा बिना बीमा के पकड़े जाने पर बेस प्रीमियम का 5 गुना या ₹10,000 (जो भी अधिक हो) का भारी चालान भुगतना पड़ेगा।
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