अर्थी पर ले जाते थे शराब बनाने का सामान, श्मशान में जलती चिता की सनसनीखेज हकीकत, पुलिस भी रह गई दंग
बिहार में पूर्ण शराबबंदी है. इसके बाद भी शराब का कारोबार हो रहा है. शराब कारोबारी और पुलिस के बीच चूहे बिल्ली का खेल जारी है. पुलिस शराबबंदी को सफल बनाने के लिए लगातार अभियान चला रही है तो वहीं शराब कारोबारी पुलिस की नजर से बचने के लिए नये नये तरकीब लगा रहे हैं. कभी गाड़ी में तहखाना बनाकर शराब की तस्करी करते तो ताबूत में शराब लायी जाती है. लेकिन, मुजफ्फरपुर में पुलिस से बचने के लिए शराब कारोबारी का एक अलग ही तरीका अपनाया.

कारोबारी फरारः मुजफ्फरपुर में श्मशान भूमि पर शराब बनायी जा रही थी. माफिया पुलिस की नजरों में आने से बचने के लिए ऐसा कर रहे थे. जिले के सदर थाना क्षेत्र के सुस्ता श्मशान घाट पर पुलिस ने मंगलवार की देर रात छापेमारी कर शराब बनाने का उपकरण बरामद किया है. अर्द्धनिर्मित शराब भी बरामद की गयी है. छापेमारी की भनक लगते ही कारोबारी फरार होने में सफल रहे. पुलिस को शराब निर्माण की भनक नहीं लगे इसके लिए शमशान घाट को ठिकाना बना रखा था.
ऐसे तैयार की जाती शराबः मिली जानकारी के अनुसार दिन में लाश जलाने का काम होता था. देर शाम बाद यहां पर चिता की तरह ही लकड़ी लगायी जाती थी. दूर से देखने पर लगता था कि कोई लाश जलायी जा रही है. वहां पर कच्ची शराब तैयार की जाती थी. पुलिस ने करवाई करते हुए इसका भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने बताया कि मामले में शराब कारोबारियों की पहचान करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है.
“देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि श्मशान भूमि पर कच्ची शराब तैयार की जा रही है. इसके आधार पर कार्रवाई की गयी. यहां पर शराब तैयार करने की सामग्री बरामद की गयी. कारोबारियों को पुलिस के आने की भनक लग गयी थी. वे सभी फरार हो गये. कारोबारियों पहचान कर ली गयी है. गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की जाएगी”- सत्येंद्र कुमार मिश्र, SHO, सदर थाना, मुजफ्फरपुर
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