786 के नोट को 77 लाख में बेचने का सपना दिखाकर पचास हजार रुपये ठगे, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

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राजू अनेजा,काशीपुर। 786 नंबर के नोट को लाखों में बेचने का लालच एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के झांसे में आकर उसने 77 लाख 57 हजार रुपये पाने का सपना देखा, लेकिन बदले में 50 हजार 917 रुपये गंवा बैठा। ठगों ने रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम ऐंठी और फिर फोन स्विच ऑफ कर दिया।
ग्राम बांसखेड़ा खुर्द, थाना आईटीआई क्षेत्र निवासी पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 19 अगस्त 2025 को फेसबुक स्क्रॉल करते समय उसे “राजज्ञानी इंडियन करेंसी वायर” नाम से एक वीडियो दिखा। वीडियो में दावा किया गया था कि 786 नंबर वाले नोटों को भारी कीमत पर खरीदा जाता है। भरोसा कर पीड़ित ने अपने पास मौजूद नोटों की फोटो व्हाट्सएप पर भेज दी।
इसके बाद ठगों ने उसे 77,57,000 रुपये में नोट खरीदने का प्रस्ताव दिया, लेकिन शर्त रखी कि पहले रजिस्ट्रेशन और कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। झांसे में आकर उसने सीएससी सेंटर से अलग-अलग किश्तों में 1,050 रुपये, 9,960 रुपये, 9,907 रुपये, 17,500 रुपये और 12,500 रुपये—कुल 50,917 रुपये—व्हाट्सएप पर भेजे गए क्यूआर कोड पर ट्रांसफर कर दिए।
रकम ट्रांसफर होते ही ठगों ने संपर्क तोड़ लिया। फोन कॉल का जवाब मिलना बंद हो गया, तब जाकर पीड़ित को साइबर फ्रॉड का एहसास हुआ।
आईटीआई कोतवाली पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच एएसआई दीपक चौहान को सौंपी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
सावधान रहें
सोशल मीडिया पर “दुर्लभ नोटों” या “स्पेशल सीरियल नंबर” के बदले लाखों देने के दावे अधिकांशतः फर्जी होते हैं।
किसी अनजान क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर न करें।
संदिग्ध कॉल/वीडियो की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें।
संदेश साफ है: आसान पैसे का लालच, साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार है।

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