लालकुआं: बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए फरवरी में विशाल प्रदर्शन की तैयारी
लालकुआं: बिंदुखत्ता क्षेत्र को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर संघर्षरत ग्रामीणों ने अब अपने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। लंबे इंतजार और निराशा के बाद, वन अधिकार समिति ने इंदिरानगर प्रथम स्थित माँ नंदा सुनंदा मंदिर परिसर में आयोजित ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम में इस दिशा में महत्वपूर्ण फैसले लिए।
🤝 बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
वन अधिकार समिति और पूर्व सैनिकों के सहयोग से आयोजित इस बैठक में राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए दो मुख्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
-
राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करवाना।
-
वन अधिकार अधिनियम-2006 (FRA 2006) का प्रभावी क्रियान्वयन।
| कार्रवाई का चरण | प्रस्तावित योजना |
| जागरूकता कार्यक्रम | 11 और 18 जनवरी को आदर्श इंटर कॉलेज संजय नगर और चाइल्ड सैक्रेड सीनियर सेकेंडरी स्कूल पश्चिमी राजीव नगर में प्रोजेक्टर के माध्यम से वन अधिकार अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। |
| जागरूकता मार्च | जनवरी माह में बिंदुखत्ता की हर गली-नुक्कड़ पर पैदल जागरूकता मार्च निकाले जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को उनके अधिकारों से अवगत कराया जा सके। |
| विशाल प्रदर्शन | फरवरी माह में शहीद स्मारक से लालकुआं नगर तक जन सैलाब के साथ विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। |
⚠️ सरकार को चेतावनी
समिति के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही राजस्व गांव की अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो फरवरी में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उत्तराखंड सरकार अधिसूचना जारी कर देती है, तो अभियान समयानुसार स्थगित कर दिया जाएगा।
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने वरिष्ठ नेताओं के माध्यम से जिलाधिकारी पर दबाव बनाकर इस मामले को आगे बढ़ाएँ।
इस कार्यक्रम में वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव भुवन भट्ट, पूर्व सैनिक कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा सहित भारी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

