बिंदुखत्ता में स्टोन क्रेशर के प्रदूषण के खिलाफ जन-आक्रोश: जिलाधिकारी नैनीताल को समाजसेवी दीपक जोशी ने सौंपा शिकायती पत्र

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लालकुआं/बिंदुखत्ता: लालकुआं और बिंदुखत्ता क्षेत्र में संचालित हो रहे स्टोन क्रेशरों से फैलने वाले अत्यधिक ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण को लेकर स्थानीय जनता का सब्र अब टूट चुका है। क्षेत्र में प्रदूषण के कारण आम नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहे गंभीर प्रतिकूल प्रभावों के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता दीपक जोशी के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी (DM) नैनीताल को एक औपचारिक विधिक प्रार्थना पत्र सौंपा है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पत्र पर तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों (DMO/Regional Officer) को “तत्काल प्रभावी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने” के कड़े हस्तलिखित विधिक निर्देश जारी किए हैं।

6 अप्रैल को एसडीएम को दिया था ज्ञापन; कार्रवाई न होने पर फूटा गुस्सा

जिलाधिकारी को सौंपे गए विधिक पत्र के अनुसार, बिंदुखत्ता के निवासियों ने इससे पूर्व 06 अप्रैल 2026 को उप जिलाधिकारी (SDM) लालकुआं के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया था।

  • अधिकारियों की उदासीनता: स्थानीय लोगों का आरोप है कि ‘हल्द्वानी स्टोन क्रेशर’ द्वारा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विधिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली।

  • बढ़ रही हैं बीमारियां: क्रेशर से लगातार उड़ने वाली डस्ट (धूल) के कारण आसपास की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, पेयजल प्रदूषित हो रहा है और घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में लोग सांस और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

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उद्योग का विरोध नहीं, बल्कि विधिक मानकों का पालन हो— क्षेत्रवासी

सामाजिक कार्यकर्ता दीपक जोशी और अन्य प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी के रोजगार या औद्योगिक गतिविधि को ठप करना बिल्कुल नहीं है। उनकी मुख्य विधिक मांगें निम्नलिखित हैं:

  • मानकों की जांच: हल्द्वानी स्टोन क्रेशर द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय विधिक नियमों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) के मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी सघन विधिक जांच कराई जाए।

  • कठोर विधिक कार्रवाई: प्रदूषण नियंत्रण मानकों के विपरीत कार्य पाए जाने पर संबंधित क्रेशर संचालकों और प्रबंधकों के विरुद्ध सुसंगत विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

  • सुरक्षा उपाय: क्रेशर क्षेत्र में फैल रही धूल, तेज ध्वनि और जल प्रदूषण को तत्काल रोकने के लिए वाटर स्प्रिंकलर और ग्रीन बेल्ट जैसे आवश्यक प्रभावी विधिक कदम उठाए जाएं।

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डीएम के कड़े रुख से क्रेशर संचालकों में हड़कंप; जांच शुरू

इस विधिक मामले में आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के अधिकार को सर्वोपरि रखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ने पत्र पर अपनी विधिक मुहर लगाते हुए उच्चाधिकारियों को तत्काल स्थलीय निरीक्षण (Spot Inspection) करने का विधिक आदेश दिया है।

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प्रार्थना पत्र पर मुख्य रूप से दीपक जोशी, सुंदर सिंह, हिमांशु जोशी, राकेश पांडे और अरविंद सिंह समेत समस्त क्षेत्रवासियों के विधिक हस्ताक्षर मौजूद हैं। जिलाधिकारी के इस कड़े विधिक रुख के बाद क्षेत्र के अवैध और प्रदूषण फैलाने वाले क्रेशर संचालकों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय जनता ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी प्रदूषण पर विधिक रोक नहीं लगी, तो वे किच्छा-हल्द्वानी हाईवे पर उग्र चक्काजाम और विधिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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