उत्तराखंड : अंकिता भंडारी के माता-पिता से वीडियो कॉल पर राहुल गांधी ने की बात, अग्निवीर योजना पर भी उठाए सवाल

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पौड़ी/देहरादून: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का गुरुवार (4 जून) से शुरू होने वाला दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा अचानक खराब मौसम की भेंट चढ़ गया। राहुल गांधी कुमाऊं के पंतनगर एयरपोर्ट तक पहुंच चुके थे, लेकिन आगे का मौसम अत्यधिक खराब होने के कारण उनका विमान अल्मोड़ा और पौड़ी के लिए उड़ान नहीं भर सका, जिसके बाद वे वहीं से वापस दिल्ली लौट गए। दौरा रद्द होने के बावजूद राहुल गांधी ने तकनीक का सहारा लेकर पौड़ी गढ़वाल में अपनी राह देख रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता से वीडियो कॉल पर विस्तृत बातचीत की और वर्चुअली जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर जमकर विधिक व राजनैतिक प्रहार किए।

पंतनगर से आगे नहीं बढ़ सका विमान; सोशल मीडिया पर दी दौरा निरस्त होने की जानकारी

तय कार्यक्रम के अनुसार, राहुल गांधी को उत्तराखंड के अल्मोड़ा (सिमकनी मैदान), पौड़ी गढ़वाल (कंडोलिया मैदान) और देहरादून में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होना था।

  • पंतनगर में फंसे: राहुल गांधी पंतनगर एयरपोर्ट पर उतर चुके थे और वहां से अल्मोड़ा के लिए रवाना होने वाले थे, लेकिन विधिक सुरक्षा मानकों और बेहद खराब विदर कंडीशन के कारण उनके विमान को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिल सकी।

  • सोशल मीडिया पर संदेश: अपने सभी कार्यक्रम रद्द होने की विधिक जानकारी राहुल गांधी ने स्वयं अपने सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से जनता से साझा की। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि मौसम की खराबी के कारण वे देवभूमि की जनता के बीच नहीं पहुंच पाए, लेकिन वे बहुत जल्द दोबारा उत्तराखंड का दौरा करेंगे।

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गणेश गोदियाल की पहल पर अंकिता भंडारी के माता-पिता से वीडियो कॉल, राहुल बोले- ‘मेरे घर के दरवाजे हमेशा खुले हैं’

प्रस्तावित पौड़ी दौरे के दौरान दिवंगत अंकिता भंडारी के माता-पिता की राहुल गांधी से एक विशेष विधिक व व्यक्तिगत मुलाकात होनी तय थी। दौरा रद्द होने से निराश माता-पिता की इच्छा को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल ने त्वरित पहल की और वीडियो कॉल के माध्यम से राहुल गांधी की बातचीत अंकिता के माता-पिता से करवाई।

  • मुलाकात का आमंत्रण: बातचीत के दौरान भावुक माता-पिता ने राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जताई।

  • भरोसा दिया: इस पर नेता प्रतिपक्ष ने उन्हें पूर्ण विधिक आश्वस्तता देते हुए कहा कि वे जब भी चाहें, दिल्ली आकर उनसे मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल के माध्यम से समय (अपॉइंटमेंट) निर्धारित कर वे अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी आएं, उनके घर के दरवाजे अंकिता के न्यायप्रिय माता-पिता के लिए हमेशा खुले हैं।

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कंडोलिया मैदान में जुटी हजारों की भीड़ को किया वर्चुअली संबोधित; ‘अग्निवीर’ पर दागे तीखे सवाल

भले ही राहुल गांधी शारीरिक रूप से पौड़ी के कंडोलिया मैदान नहीं पहुंच सके, लेकिन वहां उन्हें सुनने के लिए सुबह से ही हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी, आम जनता और पूर्व सैनिक डटे हुए थे। भीड़ के उत्साह को देखते हुए राहुल गांधी ने डिजिटल/वर्चुअल माध्यम से सीधे रैली स्थल के लोगों से संवाद किया।

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अपने संबोधन में नेता प्रतिपक्ष ने देश और उत्तराखंड की वर्तमान राजनैतिक व प्रशासनिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सेना की ‘अग्निवीर योजना’ को एक बार फिर कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पहले भारतीय सेना में रेगुलर भर्ती होने वाले जवानों के शहीद होने पर उनके आश्रित परिवारों को दीर्घकालिक विधिक सुरक्षा, पेंशन और भरपूर सहायता सुनिश्चित की जाती थी। लेकिन नई अग्निवीर योजना लागू होने के बाद देश के युवाओं के भविष्य, सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर विधिक सवाल खड़े हो गए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह योजना युवाओं के राष्ट्रहित के अनुरूप नहीं है और इससे उनके सैन्य करियर पर अत्यंत प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।