रुद्रपुर : फर्जी एसओजी अधिकारी बन की 2.20 लाख की उगाही, घर की महिलाओं को एनडीपीएस में फंसाने की दी थी धमकी

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रुद्रपुर। खुद को एसओजी का विवेचना अधिकारी बताकर तीन लाख की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि फोन करने वाले ने पैसा नहीं देने पर युवक भांजे सहित घर की महिलाओं को एनडीपीएस में फंसाने की धमकी दी। जिसमें एक बार फिर एनएनटीएफ के निलंबित मुख्य आरक्षी का नाम लिया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

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जानकारी के अनुसार ग्राम गोधी थाना बिलासपुर रामपुर यूपी निवासी उत्तम खान ने बताया कि भैंसिया ज्वालापुर रामपुर यूपी निवासी गोसिन नाम के एक युवक को रुद्रपुर एसओजी ने एनडीपीएस के आरोप में पकड़ा था और उसके साथ उसके भांजे अलमारा निवासी अली नगर कोटा बिलासपुर रामपुर यूपी का नाम भी जोड़ा गया था। आरोप था कि धरपकड़ की कार्रवाई के एक दिन बाद गुफरान नाम के एक व्यक्ति का कॉल आया जो खुद को एसओजी विवेचक अधिकारी आसिफ हुसैन बता रहा था।

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बोला कि यदि भांजे को मादक पदार्थ की तस्करी के मामले से बचाना चाहते हो तो जल्द आकर मुझसे मिलो। वरना अलमारा के साथ-साथ घर की महिलाओं को भी जेल भेज दिया जाएगा। एनडीपीएस में फंसाने की धमकी के बाद परिवार घबरा गया और रुद्रपुर आकर कॉलर गुफरान से मुलाकात की। मगर उन्हें यह नहीं पता था कि उसका असली नाम आसिफ हुसैन नहीं, बल्कि गुफरान है।

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आरोपी ने उनसे मामला निपटाने के लिए तीन लाख रुपये की मांग की और आग्रह करने पर 2.20 लाख रुपये में युवक का नाम निकालने पर हामी भरी। डराने धमकाने के बाद उन्होंने तय रकम का भुगतान कर दिया और बाद में पता चला कि वह कोई असली एसओजी कर्मी नहीं है। जिसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी।

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एसओजी का मुखबिर बताया जा रहा है गुफरान

रुद्रपुर। एनडीपीएस प्रकरण में नाम निकालने की एवज में लाखों रुपये की उगाही करने का आरोपी एसओजी कर्मी का मुखबिर बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी अक्सर एसओजी कर्मी के साथ देखा गया है। हो सकता है कि मुखबिर की एसओजी कर्मी से अच्छी खासी पैठ हो। उसका नाम लेकर एनडीपीएस प्रकरण में उगाही का अपना किरदार निभा रहा हो। फर्जी एसओजी कर्मी होने का खुलासा तब हुआ जब पुलिस के बिछाए जाल में फंस गए। फर्जी एसओजी का विवेचना अधिकारी बनकर कर उगाही का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

आसिफ हो चुका है 2 सितंबर को निलंबित

रुद्रपुर। एनडीपीएस प्रकरण में खुद का असली नाम छिपाकर एसओ जी का विवेचना अधिकारी बताकर उगाही करने वाला असली आसिफ हुसैन पर निलंबन की कार्रवाई दो सितंबर को हो चुकी है। दो सितंबर को खुद एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने एक आरोपी को बचाने, कोतवाली पुलिस की मोहर लगाकर फर्जी हस्ताक्षर करने के प्रकरण में निलंबित कर दिया था। ऐसे में यदि गुफरान ने खुद को एसओजी का विवेचक बताकर असली आसिफ हुसैन पर एक और जांच की तलवार लटकाने का काम कर दिया है। जिसके बाद निलंबित आरोपी सिपाही आसिफ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

एसओजी का विवेचना अधिकारी बताकर उगाही करने के प्रकरण में शिकायतकर्ता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसके अलावा प्रकरण की तफ्तीश में सामने आए नामों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में भूमिका सामने आती है तो पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी और जल्द ही एसओजी का नाम लेकर उगाही करने वाले की गिरफ्तारी की जाएगी।

-मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी, रुद्रपुर

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