स्थानीय निवासियों को चार धामों में दर्शन की अनुमति को लेकर सतपाल महाराज का आया बड़ा बयान

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देहरादून  : पिछले 2 वर्ष से चल रहे कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से उत्तराखंड प्रदेश के पर्यटक स्थलों पर यात्रा की रोक से प्रदेश के पर्यटन पर भारी असर पड़ा है, ज्ञात हो कि प्रदेश के राजस्व में पर्यटन दूसरा सबसे बड़ा एक्स फैक्टर माना जाता है। लेकिन अब कोरोना संक्रमण के मद्देनजर स्थगित की गई चारधाम यात्रा को शुरू करने पर सरकार विचार कर रही है। इसके तहत प्रथम चरण में चारधाम वाले जिलों के स्थानीय निवासियों को धामों में दर्शन की अनुमति दी जा सकती है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद सभी पहलुओं पर मंथन कर चरणबद्ध ढंग से चारधाम यात्रा शुरू की जाएगी।

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इसके तहत प्रथम चरण में चारधाम वाले जिलों के स्थानीय निवासियों को धामों में दर्शन की अनुमति दी जा सकती है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद सभी पहलुओं पर मंथन कर चरणबद्ध ढंग से चारधाम यात्रा शुरू की जाएगी।

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प्रदेश के कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के तेज होने के कारण सरकार ने इस वर्ष 14 मई से प्रारंभ होने वाली चारधाम यात्रा स्थगित कर दी थी।
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अलबत्ता, चारों धामों बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट निर्धारित तिथियों पर खोले गए और वहां सीमित संख्या में तीर्थ पुरोहित पूजा-पाठ कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को वहां जाने की इजाजत नहीं है।

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