हल्द्वानी/नैनीताल: उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अग्रिम पंक्ति में रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ आंदोलनकारी और हल्द्वानी-नैनीताल क्षेत्र के सक्रिय जननेता मोहन पाठक को शासन स्तर पर एक महत्वपूर्ण नई विधिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन और राज्य के प्रति उनके लंबे संघर्ष, सार्वजनिक सेवा और सांगठनिक समर्पण को देखते हुए यह चयन उनका एक उचित और गरिमामय सम्मान माना जा रहा है। इस नई नियुक्ति के बाद खेल जगत सहित पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं और राज्य आंदोलनकारियों में खुशी की लहर है और इसे पूरे समाज के लिए गर्व का विषय बताया जा रहा है।
नए विधिक दायित्व और मुख्य प्राथमिकताएं
पदभार ग्रहण करने के साथ ही मोहन पाठक के कुशल मार्गदर्शन में उत्तराखंड के खेल परिदृश्य को बदलने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं को विधिक रूप से रेखांकित किया गया है:
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खेल संस्कृति का व्यापक विस्तार: राज्य के कोने-कोने में युवाओं के भीतर खेल भावना को जागृत करना और ग्रामीण व जमीनी स्तर पर छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को तलाश कर उन्हें तराशना मुख्य लक्ष्य होगा।
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बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण: प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के खेल मैदानों, खेल अकादमियों और ट्रेनिंग सेंटरों को आधुनिक विधिक सुविधाओं, तकनीकी उपकरणों व बेहतर कोचों से लैस किया जाएगा।
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उत्तराखंड के युवाओं को विशेष प्रोत्साहन: राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर देवभूमि का नाम रोशन करने वाले एथलीटों के लिए अधिक पारदर्शी व कल्याणकारी खेल नीति बनाना और उनके लिए हर आवश्यक संसाधन सुनिश्चित करना प्राथमिकता में शामिल है。
उत्तराखंड खेल के क्षेत्र में स्थापित करेगा नए कीर्तिमान
क्षेत्र के खेल प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस विधिक नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि मोहन पाठक जैसे जमीन से जुड़े और संघर्षशील व्यक्तित्व के नेतृत्व से राज्य की खेल विधाओं को एक नई और सही दिशा मिलेगी। खेल संघों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पूरी आशा है कि उनके प्रशासनिक व व्यावहारिक अनुभव के बल पर उत्तराखंड आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नए कीर्तिमान स्थापित करने में पूरी तरह सफल होगा।
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