मेरा स्टिंग दिखाओ पर साथ में भाजपा नेताओं के स्टिंग भी सार्वजनिक करो, हरीश रावत

देहरादून:सियासत में माहिर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक गजब का दांव खेला है। उनकी कमजोर नस को कोई दबाता, उससे पहले उन्होंने अपनी इसी कमजोरी को हथियार बना लिया। हरदा की सभी स्टिंग सार्वजनिक करने की चुनौती से भाजपा की पेशानी पर बल हैं। कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने तो तमाम स्टिंग हर जिले में दिखाने की मांग कर दी है।
हरदा के सीएम रहते वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार ने उनका एक स्टिंग किया था। इसमें हरदा अप्रत्यक्ष तौर पर मंत्रियों को भ्रष्टाचार करने की छूट देने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। भाजपा इसी स्टिंग के सहारे कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और सबसे ज्यादा सक्रिय हरीश रावत को घेरने की कोशिश में थी। सियासत के मंझे खिलाड़ी हरदा ने अपनी इस कमजोर नस को ही हथियार बना लिया है।
हरदा कहते हैं कि मेरा स्टिंग दिखाओ पर साथ में भाजपा नेताओं के स्टिंग भी सार्वजनिक करो। हरदा का इशारा पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कई स्टिंग पर हैं। इनमें त्रिवेंद्र पर झारखंड का प्रभारी रहते एक नेता को आयोग का अध्यक्ष बनाने के लिए अपने नजदीकियों के खातों में पैसा लेने का आरोप है। हाईकोर्ट ने इस मामले में तत्कालीन सीएम के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जाहिर है कि हरदा ने अपनी कमजोर नस को ही एक बड़ा हथियार बना लिया है।
इधर, कांग्रेस का प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी तो चार कदम आगे की बात कर रही हैं। उनका कहना है कि स्टिंग चाहें किसी का भी हो, सभी जिलों में सार्वजिनक तौर पर दिखाए जाने चाहिए। इसके बाद जनता खुद फैसला कर लेगी कि गलत कौन है भाजपा या कांग्रेस।
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