सितारगंज: छुट्टी न मिलने पर भड़का बंदीरक्षक, लोडेड सरकारी राइफल लेकर प्रभारी जेलर के आवास पर पहुंचा; जान से मारने की धमकी

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सितारगंज। उत्तराखंड के सितारगंज स्थित केंद्रीय कारागार से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां छुट्टी स्वीकृत न होने से नाराज एक बंदीरक्षक लोडेड सरकारी राइफल लेकर सीधे प्रभारी जेलर (कारापाल) के आवास पर जा धमका। आरोप है कि उसने जेलर को जान से मारने की धमकी दी और आवास के दरवाजे पर पैर से प्रहार कर उन्हें बाहर खींचने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे अन्य जेल कर्मियों ने बमुश्किल उसकी राइफल अपने कब्जे में ली। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी बंदीरक्षक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

फोन पर अभद्रता के बाद सीधे आवास पर पहुंचा आरोपी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कारागार में तैनात वर्ष 2024 बैच के बंदीरक्षक शुभम पांडेय की छुट्टी को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। आरोप है कि बुधवार सुबह करीब 9:40 बजे बंदीरक्षक ने जेल परिसर से ही फोन कर प्रभारी जेलर प्यारे लाल के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकियां दीं।
इसके बाद वह अपनी ड्यूटी स्थल छोड़कर सीधे लोडेड सरकारी राइफल के साथ जेल परिसर के बाहर स्थित प्रभारी जेलर के सरकारी आवास पर पहुंच गया। मामले की भनक लगते ही वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने तुरंत प्रभारी जेलर को सतर्क करते हुए आवास से बाहर न निकलने की हिदायत दी।

दरवाजे पर लात मारकर निकालने का प्रयास, कर्मचारियों ने छीनी राइफल

तहरीर के मुताबिक, गुस्से में तमतमाया बंदीरक्षक प्रभारी जेलर के आवास के दरवाजे पर लगातार पैर से प्रहार करता रहा और उन्हें बाहर आने के लिए ललकारता रहा। इस दौरान वहां अफरा-तफरी मच गई। शोरगुल सुनकर मौके पर पहुंचे अन्य जेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने भारी मशक्कत के बाद आरोपी के हाथ से लोडेड सरकारी हथियार छीना। इसके बावजूद आरोपी ने मारपीट का प्रयास जारी रखा। गनीमत यह रही कि समय रहते कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर लिया, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

पूर्व के आचरण और प्रशिक्षण को लेकर भी खुलासे

शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि लखनऊ स्थित राज्य जेल प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण के दौरान भी उक्त बंदीरक्षक का आचरण अनुशासनहीन रहा था, जिसके चलते उसका प्रशिक्षण अधूरा रह गया था और उसे वापस भेज दिया गया था। हालांकि, इन बिंदुओं पर पुलिस और विभाग द्वारा जांच की जा रही है।

पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, विवेचना शुरू

प्रभारी जेलर प्यारे लाल की शिकायत पर सितारगंज कोतवाली पुलिस ने आरोपी बंदीरक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) (सदोष अवरोध), 351(3) (गंभीर आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के आशय से अपमान) के तहत प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जगत सिंह शाही को सौंपी गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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