हाईवे पर रोडवेज बस का स्टीयरिंग फेल; 30 यात्रियों की जान पर बनी, चालक की बहादुरी से टला बड़ा हादसा
रामनगर (25 मार्च 2026): अल्मोड़ा से हरिद्वार जा रही बस (संख्या UK 07 PA 2800) टांडा के पास दुर्घटना का शिकार होने से बची। मैदानी इलाका होने के कारण चालक को बस रोकने का मौका मिल गया, अन्यथा पहाड़ी रास्तों पर यह तकनीकी खराबी जानलेवा साबित हो सकती थी।
1. घटना का क्रम: 40 की रफ्तार और ‘फ्री’ हुआ स्टीयरिंग
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रवानगी: बस सुबह 8 बजे अल्मोड़ा से चली थी और दोपहर 1:30 बजे रामनगर डिपो से सवारियां लेकर हरिद्वार के लिए निकली।
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तकनीकी विफलता: टांडा के पास बस करीब 40 किमी/घंटा की रफ्तार पर थी, तभी अचानक स्टीयरिंग पूरी तरह ‘फ्री’ हो गया और उसने काम करना बंद कर दिया।
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चालक की सतर्कता: चालक नंदन सिंह ने तुरंत स्थिति को भांप लिया। स्टीयरिंग फेल होते ही बस सड़क से नीचे उतरने लगी थी, लेकिन नंदन सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाए और बस को किनारे रोक दिया।
2. यात्रियों का हंगामा और लापरवाही के आरोप
बस रुकते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। यात्रियों ने अल्मोड़ा डिपो प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
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फिटनेस पर सवाल: यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की बस को रवानगी से पहले ठीक से चेक नहीं किया गया।
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सुरक्षा में चूक: यदि यह स्टीयरिंग फेल होने की घटना अल्मोड़ा की पहाड़ियों या मोड़ों पर हुई होती, तो बस गहरी खाई में गिर सकती थी।
3. वैकल्पिक व्यवस्था और जांच
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एआरएम की कार्रवाई: रामनगर डिपो के एआरएम नवीन आर्य ने तुरंत हरकत में आते ही सभी 30 यात्रियों को दूसरी बस से हरिद्वार और काशीपुर के लिए रवाना किया।
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रिपोर्ट: घटना की विस्तृत रिपोर्ट अल्मोड़ा डिपो के अधिकारियों को भेज दी गई है ताकि बस के रखरखाव (Maintenance) की जांच की जा सके।
Snapshot: रामनगर बस हादसा (टला)
| विवरण | जानकारी |
| बस संख्या | UK 07 PA 2800 (अल्मोड़ा डिपो) |
| चालक का नाम | नंदन सिंह |
| यात्रियों की संख्या | 30 से अधिक |
| स्थान | टांडा, हरिद्वार-रामनगर हाईवे (NH-309) |
| मुख्य कारण | मैकेनिकल फेलियर (स्टीयरिंग फेल) |

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