सस्पेंस व थ्रिलर फिल्म की तरह रोंगटे खड़े करने वाली है शिकार खेलने गए चार युवकों की मौत की कहानी

नई टिहरी: उत्तराखंड के टिहरी जनपद में शिकार खेलने गए युवकों की मौत का सनसनीखेज रहस्य से पर्दा हट गया है। मौत के कारणों का रहस्य चौंकाने वाला है।
दरअसल शनिवार की रात को टिहरी के थाती कठुड पट्टी कुंडी गांव के सात दोस्त शिकार करने के लिए जंगल मे गए थे। जिनमें से चार युवकों की मौत हो गई थी और एक युवक लापता हो गया था। जबकि दो युवक घर पहुच गए थे। घर पहुंचे युवकों द्वारा घटना की जो जानकारी दी उसने हर किसी को अंदर तक हिला दिया। युवकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शिकार करने गए दोस्तों में एक साथी को गोली लगने से उसकी मौत हो गई तो घबराकर तीन युवकों ने जहर खा लिया जबकि दो युवकों को जहर इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि वह घर के एकलौते थे और उन्हें यह घटना गांव वालों को बताने की जिम्मेदारी गई थी ।
राजस्व पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया कि ग्राम कुंडी, बिनायखाल, पट्टी थाती कठुड, तहसील बालगंगा घनसाली के अर्जुन सिंह पंवार (23) पुत्र नयन सिंह पवार, सोबन सिंह पवार (24) पुत्र केसर सिंह, पंकज पंवार (23) पुत्र अब्बल सिंह पंवार, संतोष सिंह पंवार (23) पुत्र दिलीप सिंह, राहुल (20) पंवार पुत्र मोहन सिह पंवार व सुमित पंवार (18) पुत्र कुंदन सिह पंवार और रज्जी पुत्र प्रताप सिह नेगी निवासी ग्राम खवाडा शनिवार रात को शिकार करने जंगल में गए थे। रज्जी के पास बंदूक थी। जंगल जाते समय एक रात करीब 8:00 बजे रास्ते में अचानक रज्जी का पैर फिसल गया। जिस कारण बंदूक से गोली चल गई और गोली संतोष को लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जिस कारण सभी युवक डर गए।
जिसके बाद वह संतोष के शव को लेकर दो किलोमीटर दूर छानी में ले गए। जिसके बाद दहशत व अपराधबोध में आए बांकी बचे छह दोस्तों ने एक खौपनाक निर्णय ले लिया। तय किया कि राहुल और सुमित उम्र में कम होने व घर के इकलौते हैं इसलिए वह गांव में जाकर लोगों को घटना की जानकारी देंगे। जबकि चार अन्य दोस्त जहर खाकर अपनी जान दे देंगे।

इधर घर पहुंचे युवकों की बात सुनकर गांव के लोग जंगल को रवाना हो गए। उन्हें छानी के बाहर संतोष मृत मिला। कुछ दूरी पर पंकज सिंह अर्जुन पवार के शव पड़े हुए थे। जबकि सोवन सिंह बेहोश पड़ा था। और रज्जी का कोई पता नहीं चल रहा था। ग्रामीण सोहन सिंह को बेहोशी हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर ले गए जहां पर रविवार की प्रात उसने भी दम तोड़ दिया। इन यवकों में से एक रज्जी जो अभी भी लापता ने, वहां विषाक्त पदार्थ का इन्तजाम किया।

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