
राजू अनेजा, रुद्रपुर। रुद्रपुर में कथित अपहरण की एक सनसनीखेज कहानी ने पुलिस को कई घंटे तक छकाए रखा, लेकिन जब परतें खुलीं तो मामला पूरी तरह से फर्जी निकला। नाबालिग बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज एक पिता ने उसके प्रेमी को फंसाने के लिए अपहरण की झूठी स्क्रिप्ट तैयार कर डाली, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
रुद्रपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति थाने पहुंचा और आरोप लगाया कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री, जो कक्षा नौ की छात्रा है, तथा कक्षा एक में पढ़ने वाला उसका बेटा शुक्रवार सुबह स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन स्कूल नहीं पहुंचे। करीब तीन घंटे बाद दोनों बच्चे घर लौटे। परिजनों के पूछने पर बच्चों ने बताया कि एक युवक उन्हें जबरन टेंट हाउस के गोदाम में ले गया और वहां बंद कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। परिजनों के साथ पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोदाम में मौजूद एक युवक को पकड़कर थाने ले आई। युवक से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि वह नाबालिग छात्रा का प्रेमी है। शुक्रवार को छात्रा स्कूल जाने के बजाय अपने छोटे भाई को साथ लेकर ई-रिक्शा से सीधे उसके गोदाम पहुंची थी। दोनों वहां कुछ समय रुके और फिर घर लौट गए।
इधर, दोपहर में नाबालिग छात्रा के पिता जब बच्चों को स्कूल में लंच देने पहुंचे, तो पता चला कि दोनों बच्चे स्कूल आए ही नहीं। तलाश करने पर बेटी के युवक के साथ होने की जानकारी मिली। इसके बाद बच्चों को घर लाकर प्रेमी को फंसाने की नीयत से अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी गई और पुलिस को गुमराह कर दिया गया।
थाना प्रभारी मोहन पांडे ने बताया कि जांच में अपहरण का आरोप पूरी तरह निराधार पाया गया। मामले में परिजनों को सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है, जबकि युवक के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई है।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि निजी आक्रोश में कानून को गुमराह करने की कोशिशें न सिर्फ पुलिस का वक्त बर्बाद करती हैं, बल्कि निर्दोषों को भी फंसा सकती हैं।
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