भवाली में दुराचार कांड से भड़की आग: डेमोग्राफी, नजूल और मस्जिद भूमि पर सियासी जंग

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राजू अनेजा,नैनीताल/भवाली। किशोरी से दुष्कर्म के आरोप ने भवाली का माहौल सुलगा दिया है। आरोपी के जेल जाने के बाद मामला कानून की चौखट से निकलकर सियासत की चौपाल तक पहुंच गया है। भाजपा ने बदलती डेमोग्राफी, नजूल भूमि और मस्जिद की स्वीकृति की जांच का मुद्दा उठाया तो जवाब में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर पुतला दहन कर दिया। नगर में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है।
मंगलवार को भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम ललित मोहन रयाल को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया गया कि भवाली में सरकारी और नजूल भूमि पर निर्माण कराए जा रहे हैं और उन्हें सुविधाओं के लिए एनओसी तक जारी की जा रही है। प्रतिनिधियों ने भवाली सेनिटोरियम स्थित मस्जिद की भूमि की वास्तविक स्वीकृति की जांच, शेष भूमि को जनहित में उपयोग करने और स्टांप पर हो रही कथित सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की।
दूसरी ओर, नजूल भूमि पर बसे लोगों के चिन्हीकरण और संभावित कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय के साथ कुछ स्थानीय लोग भी लामबंद हो गए। मुख्य चौराहे पर भाजपा नेताओं के पुतले फूंके गए और आरोप लगाया गया कि शहर का सांप्रदायिक संतुलन बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। सभासदों ने नगर पालिका प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि किसी भी पक्ष विशेष को निशाना बनाकर कार्रवाई स्वीकार नहीं होगी।
भवाली में अब सवाल सिर्फ एक आपराधिक घटना का नहीं रहा—यह मामला जमीन, जनसंख्या और जनभावनाओं की लड़ाई में बदलता दिख रहा है। प्रशासन के लिए चुनौती दोहरी है: एक ओर कानून का पालन, दूसरी ओर सामाजिक सौहार्द की रक्षा। हालात पर पुलिस की कड़ी नजर है, लेकिन शहर में तनाव की परतें अभी भी साफ महसूस की जा रही हैं।

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