बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर उग्र हुआ आंदोलन; इंडिया गठबंधन के बैनर तले निकाला गया विशाल मशाल जुलूस

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लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा जन आंदोलन अब और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है। शनिवार को आंदोलन के समर्थन में ‘इंडिया गठबंधन’ के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने लालकुआं में एक विशाल मशाल जुलूस निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन तमाम अड़चनों के बावजूद ग्रामीणों का उत्साह कम नहीं हुआ और देर शाम हाथों में मशालें थामे जनसैलाब सड़कों पर उतर आया।

पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद निकला मशाल जुलूस

शनिवार दोपहर को जुलूस की अनुमति को लेकर स्थानीय पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई। पुलिस का कहना था कि जुलूस की पूर्व अनुमति नहीं ली गई है, जबकि आंदोलनकारियों का तर्क था कि प्रशासन को इसकी लिखित सूचना पहले ही दी जा चुकी है। विरोध के बावजूद, शाम ढलते ही भारी संख्या में ग्रामीण शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए और वहां से मशाल जुलूस निकालते हुए नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए मुख्य आंदोलन स्थल तक पहुंचे। सरकार विरोधी नारों के बीच युवाओं और ग्रामीणों में भारी जोश दिखाई दिया।

9वें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन; मातृशक्ति ने संभाली कमान

एक तरफ जहां सड़कों पर प्रदर्शन तेज हो गया है, वहीं दूसरी ओर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन शनिवार को नौवें दिन भी पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहा। आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं दूसरी ओर, मांगों को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में मातृशक्ति और कार्यकर्ताओं की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। अनशन के नौवें दिन क्रमिक अनशन पर मुख्य रूप से पुष्पा जी, चन्दा देवी जी, देवकी देवी, बसन्ती जी और बिंदु गुप्ता बैठीं। इसके साथ ही, समर्थन में मीना जलाल, प्रदीप बथ्याल, रमेश कुमार, कुंदन बोराली, प्रकाश काफ्ती, शिवराज बिष्ट और धीरेंद्र यादव सहित प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता डटे रहे।

नेताओं के तीखे तेवर: सरकार पर साधा निशाना

आंदोलन स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला सचिव शिवराज सिंह बिष्ट ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा मिलना यहां के हजारों परिवारों के अस्तित्व और बुनियादी अधिकारों का सवाल है, जिसे सरकार अब और अधिक लटका नहीं सकती। उन्होंने पुलिस के जरिए आंदोलन को दबाने के प्रयासों की निंदा करते हुए कहा कि जनता की आवाज को इस तरह दबाया नहीं जा सकता।
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुष्कर सिंह दानू ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाना इस क्षेत्र के विकास की पहली सीढ़ी है, और सरकार को तत्काल इस पर शासनादेश (GO) जारी करना चाहिए। वहीं युवा कांग्रेसी नेता रणजीत सिंह मेहरा ने कहा कि प्रशासन की दमनकारी नीतियां युवाओं के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं, बल्कि इससे उनका आक्रोश और अधिक बढ़ गया है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और भी तीव्र किया जाएगा।
युवा कांग्रेसी नेता रणजीत सिंह मेहरा का बयान
युवा कांग्रेसी नेता रणजीत सिंह मेहरा ने प्रदेश सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए कहा, “बिंदुखत्ता का युवा आज बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और अपने क्षेत्र की पहचान के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। राजस्व गांव का दर्जा न मिलने के कारण यहां का युवा स्वरोजगार योजनाओं के लाभ से वंचित है। आज जिस तरह भारी संख्या में युवा मशालें लेकर सड़कों पर उतरे हैं, उसने साफ कर दिया है कि नई पीढ़ी अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुकी है। हक मिलने तक यह सैलाब थमेगा नहीं।”
जुलूस और प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बथ्याल, हेमवती नंदन दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, भुवन जोशी, कुंदन सिंह मेहता, बीना जोशी, प्रमोद कालोनी, डॉ. कैलाश पांडे, मोहन नयाल, राजेंद्र सिंह खनवाल, मीना कपिल, उर्मिला धामी सहित क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और ग्रामीण शामिल रहे।
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