ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर दर्दनाक हादसा: तेज ढलान से लुढ़ककर सीधे गंगा में समाई इनोवा कार; 3 शव बरामद, 12 वर्षीय बालक गंभीर घायल, 4 लापता

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देवप्रयाग/श्रीनगर: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग पर मंगलवार सुबह एक बेहद हृदयविदारक सड़क दुर्घटना सामने आई। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग से करीब पांच किलोमीटर आगे, चकासा स्थित ‘गंगा दर्शन होटल’ के समीप बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रही एक इनोवा कार (वाहन संख्या: UK08 TA 5433) अनियंत्रित हो गई। कार मिट्टी के पांच फीट ऊंचे ढेर को पार करते हुए करीब 200 मीटर गहरे और तेज ढलान से लुढ़ककर सीधे उफनती गंगा नदी में समा गई। इस कमर्शियल वाहन में चालक समेत राजस्थान के जैसलमेर निवासी दो परिवारों के कुल आठ लोग सवार थे। देर शाम तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और एसडीआरएफ ने नदी तट से तीन शव बरामद कर लिए हैं, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं। ढलान पर गंभीर रूप से घायल मिले एक 12 वर्षीय बालक को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है।

मिट्टी के ढेर को पार कर नदी में जा गिरी कार; चीख-पुकार के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन

देवप्रयाग कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने हादसे की विधिक व प्रशासनिक जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब 10:00 बजे घटित हुई। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने कार को अनियंत्रित होकर गंगा की ओर तेज गति से लुढ़कते देखा और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

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हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF) और ब्यासी व ऋषिकेश से पहुंचे गोताखोरों की विधिक टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर सर्च और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। नदी के तेज बहाव और गहरी ढलान के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

ढलान पर तड़पता मिला 12 वर्षीय आयुष्मान; देर शाम तक नदी से निकाले गए 3 शव

खोजबीन के दौरान रेस्क्यू टीम को खाई की ढलान पर एक 12 वर्षीय बालक अत्यंत गंभीर और लहूलुहान अवस्था में तड़पता हुआ मिला।

  • घायल को पहुंचाया अस्पताल: घायल बालक की पहचान आयुष्मान पुत्र हरीश के रूप में हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से बेस अस्पताल श्रीनगर गढ़वाल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

  • तीन शव बरामद: गोताखोरों और राफ्टिंग टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद गंगा नदी के तट और पानी के भीतर से दो पुरुषों और एक महिला का शव बाहर निकाला। नदी में लापता हुए अन्य चार लोगों की तलाश के लिए देर शाम तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका।

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जैसलमेर राजस्थान के दो परिवारों से जुड़े थे कार सवार; शिनाख्त की कोशिश जारी

देवप्रयाग के तहसीलदार वीरम सिंह पंवार ने मौके पर पहुंचकर वाहन के विधिक दस्तावेजों और प्राप्त जानकारियों के आधार पर बताया कि कार में सवार सभी यात्री मूल रूप से राजस्थान के जैसलमेर जिले के निवासी हैं। कार में निम्नलिखित लोग सवार थे:

  • हरीश की पत्नी गुड्डी देवी (40 वर्ष)

  • हरीश का पुत्र अवलेश (22 वर्ष)

  • हरीश का दूसरा पुत्र आयुष्मान (12 वर्ष – गंभीर घायल)

  • हरीश की पुत्री जाह्नवी (18 वर्ष)

  • नंबरदार (पारिवारिक सदस्य)

  • डॉ. दिनेश (27 वर्ष)

  • डॉ. दिनेश की पत्नी कमला देवी

  • उत्तराखंड का स्थानीय मूल चालक

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तहसीलदार ने बताया कि मृत मिले तीन लोगों के शवों की सटीक शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से राजस्थान में रह रहे उनके परिजनों और स्वजनों से विधिक संपर्क स्थापित कर लिया गया है। परिजनों के उत्तराखंड पहुंचने के बाद ही मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर आधिकारिक पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही, उत्तराखंड नंबर की इस दुर्घटनाग्रस्त कार के चालक का नाम, पता और अन्य विधिक विवरण भी जुटाए जा रहे हैं। लापता लोगों को ढूंढने के लिए बुधवार सुबह पुनः गंगा नदी में सर्च अभियान शुरू किया जाएगा।