ऊधम सिंह नगर: धर्मांतरण के तीन मामलों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; SSP ने गठित की SIT, लालच और भय दिखाकर धर्म परिवर्तन का आरोप
खटीमा/रुद्रपुर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद ऊधम सिंह नगर पुलिस ने धर्मांतरण के मामलों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनपद में धर्मांतरण से जुड़े तीन अलग-अलग गंभीर मामले सामने आने के बाद एसएसपी अजय गणपति ने तत्काल मुकदमे दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही, इन मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है, जिसका पर्यवेक्षण पुलिस उपाधीक्षक विभव सैनी करेंगे।
लालच और प्रलोभन के तीन अलग-अलग मामले
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खटीमा (पहला मामला): यहाँ तीन लोगों पर हिंदू धर्म के विरुद्ध दुष्प्रचार करने और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है।
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नानकमत्ता (दूसरा मामला): गाँव में एक ‘चर्चनुमा’ ढांचा बनाकर धर्म परिवर्तन के बदले 5 लाख रुपये का प्रलोभन देने और मना करने पर परिवार को डराने-धमकाने का मामला सामने आया है। इसमें उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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खटीमा (तीसरा मामला): थारू समाज के लोगों को गुमराह करने और हिंदू धर्म के प्रति नफरत फैलाने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि सामाजिक भेदभाव खत्म करने के नाम पर झूठे वादे कर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा था।
SIT करेगी नेटवर्क का पर्दाफाश
एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट किया है कि लालच, भय या दबाव में कराया गया धर्म परिवर्तन गैरकानूनी है और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गठित एसआईटी में संबंधित विवेचकों के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी शामिल किया गया है ताकि इस नेटवर्क की तह तक पहुँचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति धोखाधड़ी या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का प्रयास करे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का मुख्य उद्देश्य जिले में सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है।

