यूकेडी का बड़ा ऐलान: 70 सीटों पर अकेले लड़ेगी 2027 का चुनाव; जारी किया ‘संकल्प-नए उत्तराखण्ड का’ विजन डॉक्यूमेंट

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देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर उत्तराखंड के प्रमुख क्षेत्रीय दल, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने अपनी चुनावी रणनीति और प्राथमिकताओं का औपचारिक शंखनाद कर दिया है। रविवार को देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती और नीति निर्धारण समिति के अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री काशी सिंह ऐरी की उपस्थिति में विजन डॉक्यूमेंट “संकल्प-नए उत्तराखण्ड का” (प्रथम भाग) जारी किया। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने स्पष्ट किया कि उक्रांद राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों पर पूरी मजबूती के साथ अकेले चुनाव लड़ेगा।

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‘संकल्प-नए उत्तराखण्ड का’ दस्तावेज की 5 मुख्य प्राथमिकताएं

यूकेडी द्वारा जारी नीति दस्तावेज में राज्य के दीर्घकालिक विकास और सामाजिक संतुलन के लिए 5 मुख्य बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है:

  1. अनुच्छेद 371 का सुरक्षा कवच: उत्तराखंड को अनुच्छेद 371 के तहत विशेष संवैधानिक दर्जा दिलाना।

  2. मूल निवास व्यवस्था: मूल निवासियों के हितों की रक्षा के लिए मूल निवास की व्यवस्था को पूर्ण कानूनी मान्यता देना।

  3. सशक्त भू-कानून व चकबंदी: बाहरी व्यक्तियों द्वारा कृषि व पर्वतीय भूमि की खरीद पर रोक के लिए कड़ा भू-कानून लागू करना।

  4. पलायन पर प्रभावी रोक: पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।

  5. आरक्षण का न्यायसंगत वितरण: वंचित वर्गों तक सीधा लाभ पहुंचाने के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण (Sub-categorization) लागू करना।

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उत्तराखंड के स्वाभिमान को दिशा देने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज: काशी सिंह ऐरी

पत्रकार वार्ता में पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि यह केवल चुनावी घोषणा पत्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान और स्थायी विकास को दिशा देने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है, जिसे जनसुझावों के आधार पर और समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के ढाई दशक बाद भी जल, जंगल, जमीन और रोजगार के जिन मुद्दों पर आंदोलन लड़ा गया था, वे आज भी अधूरे हैं। इस अवसर पर पार्टी के केंद्रीय संगठन मंत्री भुवन सिंह बिष्ट सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व विधायक, मातृशक्ति और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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