तुलसी देवी हत्याकांड: वारदात के बाद सिमलचौरा के जंगलों में छिपा आरोपी राजे सिंह गिरफ्तार, गांव में पसरा मातम

स्याल्दे (अल्मोड़ा)। बिचला चौकोट पट्टी के बसई गांव (रतखेत तोक) में हुई बुजुर्ग महिला तुलसी देवी की निर्मम हत्या के आरोपी राजे सिंह उर्फ राजाबाबू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव से कुछ ही दूरी पर स्थित सिमलचौरा क्षेत्र में छिप गया था, जिसे पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए देर रात धर दबोचा। कड़ी पूछताछ के बाद देघाट पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। वहीं, इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे बसई गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।
गाली-गलौज के बाद आपा खोकर किया था हमला, बीच-बचाव में आई 95 वर्षीय बुजुर्ग मां से भी मारपीट का आरोप
गौरतलब है कि शनिवार सुबह 66 वर्षीय तुलसी देवी (पत्नी स्व. मोहन दत्त) का उनके पड़ोसी 62 वर्षीय राजे सिंह (पुत्र दौलत सिंह) से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बहस के दौरान गाली-गलौज होने पर आपा खो चुके राजे सिंह ने तुलसी देवी के सिर पर धारदार हथियार (दाव/दतोइया) से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका के भाई हरीश चंद्र डुंगरियाल ने आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पहुंची उनकी 95 वर्षीय मां धनुली देवी के साथ भी आरोपी ने मारपीट की। घटना के बाद बरेली में रह रहे भाई की सूचना पर 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने भाई की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

