उमेश पाल हत्याकांड: बुरे फंसे अतीक अहमद के बेटे अली-उमर, बड़ी कार्रवाई की तैयारी में पुलिस

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कुख्यात माफिया अतीक अहमद के साम्राज्य को नेस्तनाबूत करने के बाद यूपी सरकार उसे जड़ से खत्म करने की ओर अग्रसर है. ताजा घटनाक्रम में यूपी पुलिस ने माफिया के दोनों बेटो अली और उमर अहमद को उमेश पाल हत्याकांड में अभियुक्त बनाया है.

पुलिस ने विवेचना के दौरान मिले सबूत और पूछताछ के आधार पर दोनों को अभियुक्त बनाते हुए वारंट बी भेजा है. इस वक्त उमर लखनऊ जेल और अली नैनी सेंट्रल जेल में बंद है.

उमेश पाल हत्याकांड की शुरुआती जांच में अली और उमर का नाम आया था. उन्हें इस हत्याकांड का साजिशकर्ता बताया गया थ. लेकिन उस वक्त सबूतों के अभाव में पुलिस उन्हें अभियुक्त नहीं बना पाई थी. लेकिन इस मामले की विस्तृत विवेचना और अली-उमर से पूछताछ के बाद पुलिस को पर्याप्त सबूत मिल गए हैं. इससे साबित हो गया है कि दोनों ने जेल में बैठकर इस हत्याकांड की साजिश रची थी. जेल में ही शूटरों से मुलाकात भी की थी.

25 फरवरी 2023 को बहुजन समाज पार्टी के विधायक रहे राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी. अतीक अहमद के गुर्गों ने उनकी कार पर गोली और बम से हमला कर दिया था. इस हमले में गंभीर रूप से घायल उमेश पाल और उनके दो गनर को इलाज के लिए रानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया था, जहां तीनों की मौत हो गई थी. इस हत्याकांड में अतीक अहमद और अशरफ अहमद पर साजिश रचने का आरोप लगा था.

इसके बाद उमेश पाल की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने अतीक अहमद सहित 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. पुलिस की तरफ से दाखिल की गई चार्जशीट में हत्याकांड की साजिश में अतीक अहमद के बेटे असद, उमर, अली के साथ दोनों नाबालिक बेटे भी शामिल थे. अतीक के वकील खान सौलत हनीफ ने अपने आईफोन से उमेश पाल के साथ उसकी पत्नी जया पाल की तस्वीर भी असद को भेजी थी. हत्या से तीन दिन पहले उमेश पाल की रेकी की गई थी.

इस रेकी में सदाकत के साथ असद, अहजम और अबान भी शामिल थे. असद ने व्हाट्सएप कॉल पर साबरमती जेल में अतीक अहमद से बात कराई थी. साल 2023 में 11 फरवरी को बरेली जेल में अशरफ से मुलाकात के बाद नैनी जेल में बंद अली से मिलने के लिए सदाकत और मोहम्मद गुलाम 13 फरवरी और 15 फरवरी को नैनी जेल गए थे. हत्याकांड की हर साजिश में शामिल सदाकत वारदात से दो दिन पहले 22 फरवरी को प्रयागराज छोड़कर अपने गांव भाग गया था.

पुलिस ने अपनी चार्जसीट में 11 फरवरी को बरेली जेल में अशरफ से मुलाकात का सीसीटीवी और 7 फोटो को भी पुलिस ने चार्जशीट में लगाया था. इसके साथ ही 13 और 15 फरवरी को नैनी जेल में अली से हुई सदाकत, मोहम्मद गुलाम और गुड्डू मुस्लिम की मुलाकात की चार तस्वीरें भी बतौर सुबूत लगाई गई थी. अतीक के वकील को असद ने फेस टाइम पर बात करने के लिए आईफोन दिया था. इसी से उसने असद को उमेश पाल और उसकी पत्नी जया की तस्वीर भेजी थी.

इस केस की जांच के दौरान ही 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वारदात को उस दौरान अंजाम दिया गया, जब दोनों को प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया था. इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों हमलावरों को पकड़ लिया था. अतीक और अशरफ की हत्या के तीनों आरोपी प्रयागराज के बाहर के रहने वाले थे. उनके नाम लवलेश, अरुण और मोहित उर्फ सनी हैं. तीनों जेल में हैं.