देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के राजस्व, जनहित और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने खनिज रॉयल्टी दरों में बढ़ोतरी के साथ-साथ विधिक सेवाओं के दायरे को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
खनिज रॉयल्टी में वृद्धि और मशीनों के उपयोग को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड उपखनिज परिहार नियमावली में संशोधन करते हुए रेत, बजरी और बोल्डर पर रॉयल्टी की दरों को बढ़ा दिया है:
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नई दरें: रॉयल्टी की दर अब 7 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है।
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राजस्व लाभ: इस निर्णय से राज्य सरकार को लगभग 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
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तकनीकी बदलाव: अब खनन कार्यों में ट्रैक्टर माउंटेड फ्रंट लोडर एंड बैकहो का उपयोग किया जा सकेगा। यह एक कृषि उपकरण है जिसे साधारण ट्रैक्टर के साथ जोड़कर खोदाई और लोडिंग मशीन के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
एसिड अटैक पीड़ितों को मुफ्त विधिक सहायता
कैबिनेट ने सामाजिक न्याय की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है:
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निशुल्क परामर्श: अब एसिड अटैक पीड़ितों को भी प्राधिकरण की ओर से मुफ्त विधिक परामर्श की सुविधा दी जाएगी।
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सैनिकों के लिए विशेष प्रावधान: राज्य में सैनिकों के मामलों की अधिकता को देखते हुए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य होंगे।
भर्ती प्रतीक्षा सूची (Waiting List) के लिए बनेगी एसओपी
नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और अभ्यर्थियों की अनिश्चितता को दूर करने के लिए कार्मिक विभाग अब मानक प्रचालन कार्यविधि (SOP) तैयार करेगा:
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समय-सीमा का निर्धारण: प्रतीक्षा सूची के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाएगी।
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एकल संवर्ग पद: यदि एकल संवर्ग के पदों में एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची उपलब्ध हो जाती है, तो उसी के आधार पर नियुक्ति की कार्रवाई की जाएगी।
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यह निर्णय हाल ही में गन्ना पर्यवेक्षक और निरीक्षक भर्ती में आई समस्याओं के दृष्टिगत लिया गया है।
अन्य प्रमुख अनुमोदन
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वैट (VAT) दरों में संशोधन: आबकारी नीति के अनुरूप वित्त विभाग ने जीएसटी नियमावली में 6 प्रतिशत वैट दर के संशोधन का प्रस्ताव रखा, जिसे कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है।
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वर्कचार्ज कर्मचारियों का मामला: कैबिनेट को अवगत कराया गया कि वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन और सेवा गणना के संबंध में जारी शासनादेश पर उच्च न्यायालय ने स्थगनादेश दिया है। कैबिनेट ने इस स्थगनादेश के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान व्यवस्था को अनुमोदित किया।
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