उत्तराखंड : आतंक का पर्याय बन रहे गुलदार की गोली लगने से मौत, 4 साल की बच्ची की मौत का था जिम्मेदार

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श्रीनगर के 10 किलोमिटर दूर स्थित विकास खंड खिर्सू के ढिकाल गांव में आतंक का पर्याय बन रहे गुलदार को ढेर कर दिया। बाता दे कि गुलदार ने बीते 5 सितंबर को एक चार साल के बच्चे को निवाला बनाया था।

जिसके बाद से ही गुलदार की घोज की जा रही थी।

पुलिस की टीम पर गुलदार ने किया था हमला

 सोमवार को 9 बजे भ्रमण कर रही टीम पर गुलदार ने हमला कर दिया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में हुई हवाई फायरिंग में गुलदार की मृत्यु हो गई। मामले की जांच के लिए उपप्रभागीय विनाधिकार व 2 वन क्षेत्राधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति बनाई गई है। जिससे घटना के विषय में अतिरिक्त जानकारी ली जा सके।

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ग्रामीणों में दहशत का महौल

बताते चले कि दादी का हाथ पकड़कर घर के पास खड़ी एक छोटी 4 साल की बच्ची को गुलदार ने मार डाला था। बच्ची के साथ मौजूद उनकी दादी ने गुलदार से बच्ची को छूड़ाने के लिए काफी संघर्ष किया। इसी दौरान ज्यादा भीड़ को आता देख गुलदार बच्ची को छोड़ कर वहीं भाग गया, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद से ही ग्रामीणों में दहशत का महौल है।

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गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए 2 पिंजरे

इस घटना की पूरी जानकारी लेने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। एसडीओ गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी लक्की शाह ने बताया कि इलाकें में पौड़ी, पोखड़ा और पैठाणी की तीन टीमें तैनात की गई थी। जिसके लिए 2 पिंजरे भी लगाए गए थे।

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