रुद्रपुर पुलिस महकमे में शोक की लहर: गंभीर बीमारी से जूझ रहे जांबाज आरक्षी विपिन बिष्ट का निधन; राजकीय सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई

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रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जनपद के पुलिस महकमे से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पुलिस लाइन रुद्रपुर में तैनात आरक्षी (कांस्टेबल) विपिन बिष्ट का लंबे समय तक गंभीर बीमारी से संघर्ष करने के बाद उपचार के दौरान मेडिसिटी अस्पताल में निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों समेत पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। एक सच्चे और ईमानदार सिपाही को खोने से जहां विभाग स्तब्ध है, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

2006 बैच के सिपाही थे विपिन, देश-प्रदेश के बड़े अस्पतालों में चला इलाज

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय विपिन बिष्ट मूल रूप से उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद अंतर्गत कपकोट क्षेत्र के निवासी थे। वे वर्ष 2006 में उत्तराखंड पुलिस बल में आरक्षी के पद पर भर्ती हुए थे। अपनी सेवा के 20 वर्षों के दौरान उन्होंने बेहद ईमानदारी, अटूट कर्तव्यनिष्ठा और कड़े अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। सहकर्मियों के अनुसार, आरक्षी विपिन बिष्ट पिछले करीब सात महीनों से एक गंभीर और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें बचाने के लिए परिजनों और पुलिस विभाग द्वारा हरसंभव प्रयास किए गए। इस दौरान उनका इलाज हल्द्वानी के विवेकानंद हॉस्पिटल, बरेली के महाजन हॉस्पिटल सहित राजस्थान और दिल्ली के कई नामी मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों में कराया गया। अंततः उन्हें रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस ली।

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महकमे ने बताया सरल और मेहनती, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

आरक्षी विपिन बिष्ट के निधन से उधम सिंह नगर पुलिस को एक बड़ा आघात लगा है। उनके अधिकारियों और साथी कर्मचारियों ने उन्हें याद करते हुए एक अत्यंत मेहनती, मिलनसार और सरल स्वभाव का सिपाही बताया, जो हर जिम्मेदारी को मुस्कुराते हुए पूरी करता था। निधन की सूचना के बाद पुलिस लाइन रुद्रपुर में शोक सभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद दिवंगत आरक्षी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक आवास भेजा जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान (सलामी) के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा। विभाग ने पीड़ित परिवार को हरसंभव शासकीय व व्यक्तिगत मदद देने का भरोसा दिलाया है।

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