
राजू अनेजा, काशीपुर।काशीपुर में बेरोजगार युवाओं के सपनों के साथ बड़ा खेल सामने आया है। नगर निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर संगठित तरीके से धन उगाही किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्र बताते हैं सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले जा रहे हैं और कई लोग इस जाल में फंस भी चुके हैं, लेकिन बदनामी और डर के कारण सामने नहीं आ पा रहे।
बेरोजगारी का दर्द बना कमाई का जरिया
सूत्रों के हवाले से सामने आ रहा है कि शहर में एक गिरोह सक्रिय है, जो “अंदर तक पहुंच” और “पक्की नौकरी” का भरोसा दिलाकर लोगों से संपर्क कर रहा है। युवाओं को यह यकीन दिलाया जाता है कि निगम के अंदर सब कुछ सेट है और पैसा देते ही नियुक्ति तय है। यही भरोसा उनके लिए सबसे बड़ा जाल साबित हो रहा है।
अंदरूनी खेल का बाहर से ऑपरेट हो रहा नेटवर्क?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि आखिर बिना किसी अंदरूनी जानकारी या संरक्षण के इतना बड़ा खेल कैसे चल सकता है? जिस तरह से “सेटिंग” और “पक्की नौकरी” की बातें कही जा रही हैं, उसने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चर्चा यह भी है कि इस पूरे खेल की कमान बाहर से संभाली जा रही है और अंदर तक पहुंच का दावा कर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।
नगर आयुक्त का अलर्ट: किसी को न दें पैसा
मामले की भनक लगते ही नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट ने तत्काल संज्ञान लिया और स्पष्ट किया कि नगर निगम स्तर पर किसी भी प्रकार की सीधी भर्ती का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि सभी नियुक्तियां केवल शासन स्तर से जारी विज्ञापन के माध्यम से होती हैं। कुछ संगठित गिरोह युवाओं को झांसे में लेकर अवैध वसूली कर रहे हैं, इसलिए आमजन किसी भी व्यक्ति के संपर्क में आकर पैसा न दें।
विभागीय संलिप्तता की जताई आशंका
नगर आयुक्त ने यह भी माना कि इस पूरे प्रकरण में विभागीय संलिप्तता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि अब यह मामला सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सिस्टम के भीतर तक फैले संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।
बड़े सवाल जो जवाब मांग रहे हैं।
👉 आखिर कौन चला रहा है यह उगाही का नेटवर्क?
👉 क्या निगम के अंदर से मिल रहा है संरक्षण?
👉 बाहर बैठकर कौन दे रहा है इस पूरे खेल को कमान?
जांच की मांग तेज, कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जरूरत है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच हो, ताकि नौकरी के नाम पर चल रहे इस काले खेल का पर्दाफाश हो सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।निगम की साख और युवाओं के भविष्य से जुड़ा यह मामला अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
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